विज्ञापन
Home Urja India Strengthens Clean Energy Push Union Minister Pralhad Joshi Inaugurates 240 Tpd Biomass Pellet Plant In Rewari

रेवाड़ी में नया स्वच्छ ईंधन केंद्र: 240 टीपीडी बायोमास पैलेट प्लांट शुरू; किसानों, ग्रामीणों को बड़ा लाभ

गांव जंक्शन डेस्क, नोएडा Published by: Himanshu Mishra Updated Tue, 25 Nov 2025 01:03 PM IST
सार

मंत्री जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में एक व्यापक नीति जारी की है, जिसके तहत देश के सभी कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट्स में 5% बायोमास पैलेट या एमएसडब्ल्यू आधारित चारकोल का को-फायरिंग अनिवार्य किया गया है।

केंद्रीय मंत्री मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हरियाणा के रेवाड़ी में बायोमास पैलेट प्लांट का उद्घाटन किया
केंद्रीय मंत्री मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हरियाणा के रेवाड़ी में बायोमास पैलेट प्लांट का उद्घाटन किया - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत की नवीकरणीय ऊर्जा महत्वाकांक्षा को नई गति देते हुए केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हरियाणा के रेवाड़ी में अत्याधुनिक 240 टीपीडी बायोमास पैलेट प्लांट का उद्घाटन किया। यह प्लांट किसान आय बढ़ाने, पराली प्रदूषण रोकने और थर्मल पावर प्लांट्स में स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। सरकारी बयान के अनुसार, यह परियोजना हरियाणा को भारत के उभरते क्लीन एनर्जी हब के रूप में स्थापित करने में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

नए नियम: सभी थर्मल पावर प्लांट्स में 5% बायोमास को-फायरिंग अनिवार्य
मंत्री जोशी ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में एक व्यापक नीति जारी की है, जिसके तहत देश के सभी कोयला-आधारित थर्मल पावर प्लांट्स में 5% बायोमास पैलेट या एमएसडब्ल्यू आधारित चारकोल का को-फायरिंग अनिवार्य किया गया है।

दिल्ली-एनसीआर के प्लांट्स के लिए यह अनुपात 7% होगा। एनसीआर में उपयोग होने वाले बायोमास का कम से कम 50% स्थानीय पराली और कृषि अवशेषों से लिया जाएगा, जिससे पराली जलाने की समस्या को कम करने में बड़ी मदद मिलेगी। सरकार स्रोत-स्तर पर कचरा विभाजन प्रणाली और नगरपालिकाओं की निगरानी को भी मजबूत कर रही है ताकि एमएसडब्ल्यू आधारित चारकोल का उत्पादन व्यवस्थित रूप से बढ़ सके।

रेवाड़ी प्लांट: पराली से बनेगा स्वच्छ ईंधन, मिलेगा किसानों को अतिरिक्त लाभ
यह प्लांट मुख्य रूप से धान की पराली, सरसों के अवशेष और कपास की डंठल को उच्च गुणवत्ता वाले बायोमास पैलेट में बदलता है। इससे होने वाले लाभ:
  • पराली जलाने से होने वाला प्रदूषण कम होगा
  • थर्मल पावर प्लांट्स की कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी
  • ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार
  • किसानों को फसल अवशेष बेचकर अतिरिक्त आय
मंत्री ने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा सुरक्षा और हरित विकास को साकार करने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बताया।

हरियाणा तेजी से बन रहा नवीकरणीय ऊर्जा का मुख्य केंद्र
मंत्री जोशी ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों और निवेश के चलते हरियाणा में स्वच्छ ऊर्जा का आधार मजबूत हुआ है। मुख्य उपलब्धियां:
  • 2.8 गीगावॉट से अधिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित
  • इसमें 2.4 गीगावॉट सौर ऊर्जा शामिल
  • पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत
  • 2 लाख से अधिक आवेदन
  • 45,000 घरों में पहले ही रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुका

पीएम-कुसुम योजना
  • 18.61 मेगावॉट (कंपोनेंट A)
  • 1.74 लाख सोलर पंप स्थापित
  • किसान डीजल पर निर्भरता से मुक्त, अब ‘ऊर्जा उत्पादक’
  • ग्रीन हाइड्रोजन में भी अग्रणी बन रहा हरियाणा
राज्य में हिसार, पानीपत और झज्जर में कई अग्रणी ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाएँ चल रही हैं, जिनसे हरियाणा की स्थिति वैश्विक स्वच्छ ईंधन बाजार में और मजबूत होगी।

केंद्र सरकार के अनुसार हरियाणा का बायोमास पोटेंशियल 1350 मेगावॉट से अधिक है। राज्य में 49 मेगावॉट क्षमता वाली 26 वेस्ट-टू-एनर्जी यूनिट्स संचालित है। जोशी ने कहा, “किसान अब सिर्फ अन्नदाता नहीं, ऊर्जा दाता भी बन रहे हैं।” मंत्री ने कहा कि हरियाणा के लोग हमेशा से देश की प्रगति में अग्रणी रहे हैं—
  • सीमाओं की रक्षा,
  • देश को खाद्यान्न उपलब्ध कराना,
  • और अब स्वच्छ ऊर्जा क्रांति का नेतृत्व करना।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में हरियाणा वैश्विक क्लीन एनर्जी लीडर के रूप में उभरेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन