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Crops Below Solar Above Pm Kusum 2 0 To Bring Dual Income For Farmers
खेत में फसल, ऊपर सौर ऊर्जा: जल्द आएगी PM-KUSUM 2.0, किसान करेंगे दोहरी कमाई
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Umashankar Mishra
Updated Wed, 09 Sep 2026 09:12 PM IST
सार
केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बताया कि जल्द ही PM-KUSUM योजना का दूसरा संस्करण लॉन्च किया जाएगा, जिसमें एग्री-पीवी के लिए 10 गीगावाट का समर्पित हिस्सा शामिल होगा। यह योजना खासतौर पर देश के 85 प्रतिशत से अधिक छोटे और सीमांत किसानों के लिए फायदेमंद साबित होगी, जो 2 हेक्टेयर से कम जमीन पर खेती करते हैं। जानिए, विस्तार से...
केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को बताया कि जल्द ही PM-KUSUM योजना का दूसरा संस्करण लॉन्च किया जाएगा।
- फोटो : AI
भारत के छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक नई आर्थिक संभावना का द्वार खुलने जा रहा है। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने बुधवार को बताया कि जल्द ही PM-KUSUM योजना का दूसरा संस्करण लॉन्च किया जाएगा, जिससे किसान एक ही जमीन पर खेती के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा भी उत्पन्न कर सकेंगे। यह घोषणा उन्होंने अक्टूबर 21-23 को नई दिल्ली में होने वाले 7वें एग्रीवोल्टाइक्स वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान की।
10 गीगावाट का समर्पित एग्री-पीवी घटक
नई योजना में सोलर पैनल और फसलों के सह-अस्तित्व को बढ़ावा देने के लिए 10 गीगावाट का समर्पित एग्री-पीवी घटक शामिल होने की उम्मीद व्यक्त की जा रही है। आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई के हवाले से बताया है कि PM-KUSUM 2.0 का बजट पहले संस्करण से कहीं अधिक होने की संभावना है। मंत्री ने कहा कि भारत के पास विश्व की लगभग 18 प्रतिशत आबादी है, लेकिन जमीन सिर्फ 2.4 प्रतिशत ही है, और 85 प्रतिशत से अधिक किसान 2 हेक्टेयर से कम भूमि पर खेती करते हैं। ऐसे में एग्रीवोल्टाइक्स तकनीक से "फसल और सौर संयंत्र के बीच चुनाव नहीं करना पड़ेगा, बल्कि दोनों एक साथ हो सकेंगे।"
सौर ऊर्जा में भारत की बड़ी उपलब्धि
जोशी ने बताया कि भारत ने पिछले साल 55.29 गीगावाट नॉन-फॉसिल क्षमता जोड़ी, जो नॉर्वे (40.6 गीगावाट), स्विट्ज़रलैंड (करीब 30 गीगावाट), ऑस्ट्रिया (34 गीगावाट) और बेल्जियम (करीब 33 गीगावाट) जैसे कई विकसित देशों की पूरी स्थापित बिजली क्षमता से भी अधिक है।
उन्होंने PM-KUSUM के तहत हुई प्रगति का ज़िक्र करते हुए बताया कि अब तक करीब 29 लाख पंपों को सोलराइज़ किया जा चुका है। पिछले साल विकेंद्रीकृत सौर ऊर्जा से 16.3 गीगावाट उत्पादन हुआ, जिसमें 7.6 गीगावाट PM-KUSUM से और 8.7 गीगावाट रूफटॉप सोलर से आया, जो मुख्यतः PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 56 लाख लाभार्थियों तक पहुंच रहा है।
किसानों से आमंत्रित किए जाएंगे प्रस्ताव
मंत्री ने अलग-अलग फसलों, जलवायु और क्षेत्रों के लिए सबसे उपयुक्त तरीका समझने के लिए एग्रीवोल्टाइक्स पर और अधिक शोध की आवश्यकता पर जोर दिया है। कार्यक्रम में इंडो-जर्मन कोऑपरेशन ऑन एग्रीवोल्टाइक्स (IGCA) ने किसानों, किसान संगठनों, नवीकरणीय ऊर्जा डेवलपर्स और सार्वजनिक संस्थानों से मौजूदा और प्रस्तावित एग्रीवोल्टाइक्स परियोजनाओं के लिए तकनीकी सहायता, वायबिलिटी गैप फंडिंग और शोध उपकरण सहायता हेतु प्रस्ताव आमंत्रित किए।
बता दें कि वर्ष 2019 में 34,422 करोड़ रुपये के बजट से शुरू हुई प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना का लक्ष्य मार्च 2026 तक 34,800 मेगावाट सौर क्षमता जोड़कर किसानों की सिंचाई लागत घटाना है।
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