विज्ञापन
Home› Sehat Tola› Take Care Health Rainy Season Sick How To Protect Yourself From These Infections Including Dengue And Malaria

सेहत का रखें ख्याल : बारिश का मौसम बना सकता है बीमार... डेंगू, मलेरिया समेत इन संक्रमणों से ऐसे करें बचाव

मोहम्मद आमिल, दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 27 Jul 2026 03:21 PM IST
सार

डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और अन्य संक्रमण बािरश के मौसम में तेजी से फैलते हैं। ऐसे में थोड़ी-सी सावधानी, साफ-सफाई और सही खानपान अपनाकर आप मौसमी बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
 

बारिश का मौसम बना सकता है बीमार
बारिश का मौसम बना सकता है बीमार - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो दिलाता है, लेकिन यह अपने साथ कई संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लेकर आता है। मानसून के दौरान जगह-जगह पानी भरना, बढ़ी हुई नमी, मच्छरों का प्रजनन और दूषित भोजन व पानी संक्रमण को तेजी से फैलाते हैं। यही कारण है कि इस मौसम में बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है। अच्छी खबर यह है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर अधिकांश मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।

डेंगू, मलेरिया व चिकनगुनिया को दें मात 
बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया सबसे तेजी से फैलने वाली मच्छर जनित बीमारियां हैं। डेंगू और चिकनगुनिया एडीज मच्छर, जबकि मलेरिया एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है। तेज बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द, ठंड लगना, पसीना आना और जोड़ों में तेज दर्द इनके प्रमुख लक्षण हैं। इन बीमारियों से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी और मच्छर भगाने वाली क्रीम का उपयोग करें तथा सुबह-शाम पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें। तेज बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और पेट के संक्रमण से करें बचाव 
मानसून में दूषित पानी और भोजन के कारण टाइफाइड, हेपेटाइटिस-ए और गैस्ट्रोएंटेराइटिस (पेट का संक्रमण) का खतरा बढ़ जाता है। लगातार बुखार, पेट दर्द, उल्टी, दस्त, कमजोरी, भूख कम लगना, आंखों का पीला पड़ना और डिहाइड्रेशन इनके प्रमुख लक्षण हैं। इन बीमारियों से बचने के लिए हमेशा उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं, ताजा और अच्छी तरह पका भोजन करें तथा स्ट्रीट फूड और कटे हुए फलों से परहेज करें। भोजन से पहले साबुन से हाथ धोना, साफ-सफाई बनाए रखना और जरूरत पड़ने पर समय रहते डॉक्टर से सलाह लेना बेहद जरूरी है।

सर्दी-जुकाम व त्वचा संक्रमण से रहें सतर्क
मानसून में मौसम का लगातार बदलना और बढ़ी हुई नमी सर्दी-जुकाम, फ्लू और त्वचा संक्रमण का खतरा बढ़ा देती है। ऐसे में नाक बहना, गले में खराश, खांसी, हल्का बुखार, खुजली, लाल चकत्ते और दाद जैसे लक्षण आम हैं। इनसे बचाव के लिए हाथों की स्वच्छता बनाए रखें, पर्याप्त नींद लें और संतुलित आहार से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करें। साथ ही शरीर और त्वचा को साफ व सूखा रखें, गीले कपड़े तुरंत बदलें और आवश्यकता होने पर डॉक्टर की सलाह से एंटीफंगल पाउडर या दवा का उपयोग करें।

लेप्टोस्पायरोसिस और हैजा को रखें दूर 
मानसून के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस और हैजा जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है। लेप्टोस्पायरोसिस संक्रमित जानवरों के मूत्र से दूषित पानी के संपर्क में आने से फैलता है, जबकि हैजा दूषित पानी और भोजन के कारण होता है। तेज बुखार, दस्त, उल्टी, मांसपेशियों में दर्द और शरीर में पानी की कमी इसके प्रमुख लक्षण हैं। बचाव के लिए बाढ़ के पानी में जाने से बचें, हमेशा सुरक्षित और स्वच्छ पानी पिएं, ताजा भोजन करें तथा गंभीर दस्त या बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

मानसून में स्वस्थ रहने के पांच सूत्र
  1. सुरक्षित पानी पिएं : उबला हुआ या फिल्टर पानी पिएं और दूषित पानी से बचें।
  2. हाथों की स्वच्छता बनाए रखें : भोजन से पहले और शौचालय के बाद साबुन से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ जरूर धोएं।
  3. मच्छरों को पनपने न दें : घर, छत, कूलर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
  4. स्वच्छ और ताजा भोजन करें : कोशिश करें कि गरम, ताजा और अच्छी तरह पका हुआ भोजन ही खाएं। कटे हुए फलों और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों से परहेज करें।
  5. लक्षणों को नजरअंदाज न करें : तेज बुखार, लगातार उल्टी, गंभीर दस्त, सांस लेने में तकलीफ या डिहाइड्रेशन के लक्षण दिखाई पड़ें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

विज्ञापन
विज्ञापन