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चक्रवात अर्नब ने किसानों पर बरपाया कहर : 12974 हेक्टेयर में फसलें बर्बाद, 31 हजार किसान प्रभावित

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 30 Oct 2026 12:27 PM IST
सार

चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में 12,974 हेक्टेयर में फसलें प्रभावित हुई हैं। 516 गांवों के 31 हजार से ज्यादा किसान नुकसान की चपेट में आए हैं।

फसलें बर्बाद हो गईं
फसलें बर्बाद हो गईं - फोटो : सोशल मीडिया
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आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में चक्रवात अर्नब के कारण भारी बारिश और बाढ़ से किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है। 27 और 28 अक्टूबर को हुई बारिश से जिले में 12,974 हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं। शुरुआती आकलन के मुताबिक, 516 गांवों के 31,007 किसान इस आपदा की चपेट में आए हैं।

जारी प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। जिले में करीब 12,921 हेक्टेयर में धान की फसल प्रभावित हुई है। इसके अलावा 3 हेक्टेयर में मूंग, 2 हेक्टेयर में उड़द और 47.85 हेक्टेयर में कपास की फसल को नुकसान पहुंचा है।

इच्चपुरम मंडल में सबसे ज्यादा नुकसान
जिले के इच्चपुरम मंडल में फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। यहां 3,449 हेक्टेयर कृषि भूमि प्रभावित हुई और 28 गांवों के 7,723 किसान इसकी चपेट में आए हैं। इसके बाद कोटाबोम्माली में 1,580 हेक्टेयर, पाथापटनम में 1,262 हेक्टेयर, टेक्कली में 1,249 हेक्टेयर और संथाबोम्माली में 1,036 हेक्टेयर में फसलें खराब हुई हैं। वहीं गंगुवरिसिगदम में 640 हेक्टेयर, एचेरला में 400 हेक्टेयर, नंदीगम में 370 हेक्टेयर, पोलाकी में 307.7 हेक्टेयर और सोमपेटा में 397.9 हेक्टेयर कृषि भूमि पर फसलों को नुकसान पहुंचा है।

धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
प्रारंभिक आकलन में सामने आया है कि धान की फसल को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। फसल की अलग-अलग अवस्थाओं में क्षति दर्ज की गई है। इनमें बाली निकलने, फूल आने, दाना बनने और पकने से लेकर कटाई तक की अवस्था वाली फसलें शामिल हैं।

विधायक ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया
पालासा की विधायक गौथु सिरिशा ने गुरुवार को पालासा मंडल के बाढ़ प्रभावित अल्लुखोला और रेंटिकोटा गांवों का दौरा किया। उन्होंने जलमग्न खेतों और पानी से घिरे रिहायशी इलाकों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रभावित किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं। फसल नुकसान का यह आकलन शुरुआती रिपोर्ट पर आधारित है। अंतिम नुकसान का आंकड़ा विस्तृत सर्वे के बाद बदल सकता है।
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