ग्रामीण इलाकों में तेंदुओं की आवाजाही स्थानीय आबादी के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। मानव और वन्यजीवों के संघर्ष को नियंत्रित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार पीलीभीत में तेंदुआ सफारी बना रही है।
राज्य सरकार ने पीलीभीत जिले के गोपालपुर वन क्षेत्र में प्रस्तावित तेंदुआ सफारी के लिए शुरुआती ₹1 करोड़ जारी कर दिए हैं। परियोजना की अनुमानित लागत करीब ₹49 करोड़ बताई जा रही है।
1,700 हेक्टेयर वन क्षेत्र में बनेगी तेंदुआ सफारी
अधिकारियों के अनुसार सफारी करीब 1,700 हेक्टेयर वन क्षेत्र में विकसित की जाएगी और लगभग 30 किमी का सफारी मार्ग होगा। तेंदुए प्राकृतिक वन क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से रहेंगे, जबकि पर्यटकों को सुरक्षित वाहन से सफारी कराई जाएगी।
वन अधिकारियों के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बढ़ती बाघ आबादी के कारण तेंदुए नए आवास की तलाश में आसपास के जंगलों और आबादी वाले इलाकों की ओर जा रहे हैं। सफारी का उद्देश्य उन्हें उपयुक्त प्राकृतिक क्षेत्र उपलब्ध कराना और मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करना है।
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