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Dhanteras 2026: धनतेरस की रात क्यों जलाए जाते हैं 13 दीपक? जानें पूजा घर से चौराहे तक कहां रखें दीये

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 01 Nov 2026 06:02 PM IST
सार

धनतेरस पर 13 दीपक जलाने की परंपरा क्या है? जानें पूजा घर, तुलसी, मुख्य द्वार, दक्षिण दिशा और अन्य जगहों पर दीये जलाने से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं।

धनतेरस की रात क्यों जलाए जाते हैं 13 दीपक
धनतेरस की रात क्यों जलाए जाते हैं 13 दीपक - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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धनतेरस पर सोना-चांदी और बर्तन खरीदने के साथ दीपक जलाने की भी खास परंपरा है। मान्यता है कि इस दिन घर में 13 दीपक जलाने से सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर भगवान धन्वंतरि तथा मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इन दीपकों को घर के अलग-अलग स्थानों पर जलाया जाता है। इस परंपरा को यम दीपम भी कहा जाता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को समुद्र मंथन से भगवान धन्वंतरि प्रकट हुए थे। इसलिए इस दिन को धनतेरस के रूप में मनाया जाता है। आइए जानते हैं कि परंपरा के अनुसार धनतेरस पर 13 दीपक कहां-कहां जलाए जाते हैं।

धनतेरस पर इन 13 जगहों पर जलाएं दीपक
  1. पूजा घर : पहला दीपक घर के पूजा स्थान पर जलाएं। इसे अपने इष्ट देव को समर्पित किया जाता है।
  2. ईशान कोण : दूसरा दीपक घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। इसे पूजा के लिए शुभ दिशा माना जाता है।
  3. तुलसी का पौधा : तीसरा दीपक तुलसी के पास जलाएं। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी में भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का वास होता है।
  4. मुख्य दरवाजा : चौथा दीपक घर के मुख्य द्वार पर रखें। मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मकता आती है।
  5. दक्षिण दिशा : पांचवां दीपक घर की दक्षिण दिशा में जलाएं। इस दिशा को यमराज से जुड़ा माना जाता है। इसे यम दीपक भी कहा जाता है।
  6. ब्रह्मस्थान : छठा दीपक घर के बीच वाले हिस्से में रखें। इसे ब्रह्मस्थान कहा जाता है।
  7. शौचालय के बाहर : सातवां दीपक शौचालय के बाहर जलाने की परंपरा है।
  8. बालकनी और छत : आठवां दीपक बालकनी या छत पर रखें।
  9. स्टोर रूम : नौवां दीपक घर के कबाड़ या सामान रखने वाले कमरे के पास जलाएं।
  10. चौराहा : दसवां दीपक घर के पास किसी चौराहे पर रखने की मान्यता है।
  11. पीपल का पेड़ : ग्यारहवां दीपक पीपल के पेड़ के नीचे जलाया जाता है। इसे पितरों के आशीर्वाद से जोड़कर देखा जाता है।
  12. बेल का पौधा : बारहवां दीपक घर में लगे बेल के पौधे के पास रखें।
  13. खिड़की के पास : तेरहवां और आखिरी दीपक घर की खिड़की के पास जलाएं।

सुख-समृद्धि से जुड़ी है 13 दीपक जलाने की परंपरा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, धनतेरस की रात इन 13 स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। माना जाता है कि दीपक जलाने से नकारात्मकता दूर होती है और परिवार पर देवी-देवताओं की कृपा बनी रहती है। हालांकि, अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में दीपक जलाने की परंपरा में अंतर हो सकता है।
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