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कुल्लू के दशहरा की अनोखी परंपरा: जहां देवता चलकर आते हैं दर्शन देने, इस बार 347 देवी-देवताओं को न्योता

गांव जंक्शन डेस्क, कुल्लू Published by: Umashankar Mishra Updated Tue, 20 Oct 2026 03:24 PM IST
सार

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव 21 से 27 अक्तूबर तक मनाया जाएगा, इस बार 347 देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया है। जानें, भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा, वर्ष 1660 से चली आ रही परंपरा और महोत्सव की पूरी जानकारी...

वर्ष 1660 ईसवी से चली आ रही इस परंपरा में पहले दिन भगवान रघुनाथ की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली जाती
वर्ष 1660 ईसवी से चली आ रही इस परंपरा में पहले दिन भगवान रघुनाथ की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली जाती - फोटो : क्रिएटिव कॉमन्स
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान माने जाने वाले अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा महोत्सव की तैयारियां ज़ोरों पर हैं। इस बार जिले के 347 देवी-देवताओं को इस महाकुंभ में शामिल होने का न्योता भेजा गया है, जबकि पिछले साल 2025 में जिला प्रशासन और कारदार संघ ने 332 देवी-देवताओं को निमंत्रित किया था। इस तरह इस बार 15 नए देवी-देवता भी इस देव-समागम का हिस्सा बनेंगे।

21 से 27 अक्तूबर तक चलेगा उत्सव
आमतौर पर दशहरा के दिन ही महोत्सव की शुरुआत होती थी, लेकिन इस बार यह 21 अक्तूबर से आरंभ होगा और सात दिवसीय इस उत्सव का समापन 27 अक्तूबर को होगा। हर साल इस महोत्सव में लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, और विदेशों से भी पर्यटक इसे देखने के लिए यहां डेरा डालते हैं। यह पर्व शोधार्थियों के लिए भी शोध का विषय बना रहता है, साथ ही इस दौरान करोड़ों रुपये का कारोबार भी होता है।
 
भगवान रघुनाथ की शोभायात्रा से शुरुआत
वर्ष 1660 ईसवी से चली आ रही इस परंपरा में पहले दिन भगवान रघुनाथ की अगुवाई में शोभायात्रा निकाली जाती है। इसके बाद सात दिनों तक ढालपुर मैदान में सैकड़ों देवी-देवताओं से लोग आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। निमंत्रण के आधार पर ही दशहरा उत्सव समिति देवी-देवताओं के ठहरने, नजराने और अन्य सुविधाओं का इंतज़ाम करती है। खास बात यह है कि आनी-निरमंड क्षेत्र के देवी-देवता करीब 200 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर भगवान रघुनाथ की चाकरी के लिए ढालपुर पहुंचते हैं, और इसके लिए वे अपने देवालय से करीब एक सप्ताह पहले ही रवाना हो जाते हैं।

निमंत्रण पत्र जारी, अक्तूबर से जुटेगा देव समाज
कार्यवाहक उपायुक्त कुल्लू सुरजीत सिंह राठौर ने बताया कि 21 से 27 अक्तूबर तक मनाए जाने वाले इस महोत्सव के लिए जिले के 347 देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र जारी किए गए हैं। जिला देवी-देवता कारदार संघ के अध्यक्ष दोत राम ठाकुर के अनुसार, अधिकतर देवी-देवताओं को निमंत्रण पत्र मिल चुका है, और अक्तूबर के दूसरे सप्ताह से देव समाज दशहरे की तैयारियों में जुट जाएगा।

कोरोना काल में भी नहीं टूटी परंपरा
वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान कोविड-19 नियमों के चलते सिर्फ सात देवी-देवताओं को ही आमंत्रित किया गया था, फिर भी 13 देवी-देवता दशहरे में शामिल हुए। संकट के उस दौर में भी देव विधि के अनुसार परंपरा को पूरी श्रद्धा से निभाया गया।
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