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Diwali 2026: दिवाली की पूजा में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, जानें मां लक्ष्मी की पूजा के जरूरी नियम

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 07 Nov 2026 05:00 PM IST
सार

दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जाएगी। जानें मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा के दौरान किन 5 गलतियों से बचना चाहिए और पूजा के जरूरी नियम क्या हैं।

दीपावली
दीपावली - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि और खुशहाली आती है। इस साल दिवाली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई जाएगी। इस मौके पर लोग घरों की साफ-सफाई करते हैं, दीप जलाते हैं और मां लक्ष्मी के स्वागत की तैयारी करते हैं।

हालांकि, पूजा की तैयारी के दौरान कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा में साफ-सफाई से लेकर दीपक जलाने और पूजा स्थल की व्यवस्था तक का विशेष ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं दिवाली की पूजा के दौरान किन बातों का ख्याल रखना चाहिए।

पूजा से पहले रखें साफ-सफाई का ध्यान
दिवाली की पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। पूजा के आसपास जूठे बर्तन या गंदगी न रखें। स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनकर पूजा में बैठें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के समय तन और मन की स्वच्छता का विशेष महत्व है। साथ ही पूजा के दौरान मन में किसी के प्रति बुरे विचार न रखें।

खंडित मूर्तियों और टूटे दीपकों का न करें इस्तेमाल
दिवाली की पूजा में मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की साफ-सुथरी मूर्तियां रखें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, खंडित या टूटी हुई मूर्तियों की पूजा नहीं करनी चाहिए। इसी तरह पूजा के लिए साबुत और साफ दीपकों का इस्तेमाल करें। दीपक जलाने से पहले उन्हें अच्छी तरह जांच लें, ताकि उनमें कोई दरार न हो।

पूजा करते समय दिशा का रखें ध्यान
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली पर पूजा करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा के दौरान व्यक्ति का मुख पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना शुभ माना जाता है। पूजा स्थल पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की प्रतिमाएं उचित तरीके से स्थापित करें। पूजा के दौरान बातचीत या दूसरी गतिविधियों से बचें और अपना ध्यान पूजा में लगाएं।

आरती के बाद तुरंत न छोड़ें पूजा स्थल
दिवाली की पूजा और आरती पूरी होने के बाद कुछ समय पूजा स्थल पर बैठकर ध्यान और प्रार्थना करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के बाद दीपकों को जलता हुआ छोड़कर कहीं नहीं जाना चाहिए। खासकर घर के मुख्य दरवाजे पर जलाए गए दीपक का ध्यान रखें। हालांकि, दीपकों को हमेशा सुरक्षित स्थान पर रखें और उन्हें बिना निगरानी के न छोड़ें।

प्रसाद का करें वितरण
पूजा पूरी होने के बाद मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को चढ़ाया गया प्रसाद परिवार के सभी सदस्यों में बांटें। प्रसाद को साफ जगह पर रखें और उसका आदर करें। मान्यता है कि दिवाली पर पूरे परिवार के साथ पूजा और प्रसाद बांटने से घर में खुशहाली और आपसी प्रेम बना रहता है।

ध्यान दें: ये बातें धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं। अलग-अलग क्षेत्रों और परिवारों में पूजा की विधि में कुछ अंतर हो सकता है।
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