हिमाचल प्रदेश : सेब खरीद ने पकड़ी रफ्तार, एमआईएस के तहत 13200 टन की खरीद, 1.23 करोड़ पेटियां पहुंचीं बाजार
गांव जंक्शन डेस्क, शिमला
Published by: Umashankar Mishra
Updated Fri, 09 Oct 2026 08:01 PM IST
सार
मौसम की बेरुखी से हिमाचल प्रदेश में सेब उत्पादन प्रभावित हुआ है, लेकिन सरकारी खरीद बागवानों के लिए राहत की उम्मीद बनी है। बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत अब तक 13,200 टन से अधिक सेब खरीदे गए हैं। सरकार के मुताबिक, किसानों और बागवानों को 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया जा चुका है, जबकि मंडियों तक 1.23 करोड़ पेटियां पहुंची हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस सीजन अब तक बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत 13,200 टन से अधिक सेब खरीदे जा चुके हैं।
- फोटो : AI
हिमाचल प्रदेश के सेब बागानों में इस बार मौसम की बेरुखी ने पैदावार पर असर डाला है। फूल आने के समय बेमौसम बारिश, ठंड और पर्याप्त ठंडे घंटों की कमी ने बागवानों की उम्मीदों को झटका दिया। ऐसे में सरकारी खरीद योजना बागवानों के लिए सहारे की उम्मीद बनकर सामने आई है। राज्य में इस सीजन अब तक बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) के तहत 13,200 टन से अधिक सेब खरीदे जा चुके हैं।
शिमला में शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए हिमाचल प्रदेश के बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश बागवानी उपज विपणन एवं प्रसंस्करण निगम (एचपीएमसी) और हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विपणन एवं उपभोक्ता महासंघ (हिमफेड) के माध्यम से यह खरीद की गई है।
मौसम की मार से घटा सेब उत्पादन
इस साल सेब उत्पादन में गिरावट के पीछे कई मौसमी कारण रहे। फूल आने के दौरान असमय बारिश, प्रतिकूल ठंड और पर्याप्त चिलिंग आवर्स यानी आवश्यक ठंडे घंटों का न मिलना फसल के लिए नुकसानदेह रहा। सेब की खेती में तापमान और मौसम का संतुलन अहम होता है। ऐसे में मौसम में आए बदलाव ने बागवानों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
बकाया भुगतान और बढ़ी खरीद दर
मंत्री नेगी के मुताबिक, मौजूदा सरकार को पिछली भाजपा सरकार से बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 114 करोड़ रुपये की बकाया देनदारियां विरासत में मिली थीं। इन पुरानी देनदारियों को चुकाने के साथ वर्तमान सरकार अब तक किसानों और बागवानों को 262 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान कर चुकी है। एमआईएस के तहत खरीद दर में एक रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा भी की गई है। इससे हजारों किसानों और बागवानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
डीबीटी से भुगतान, सत्यापन जारी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के तहत 30 से कम पेटियां रखने वाले 11,285 किसानों और बागवानों तथा 100 से कम पेटियां रखने वाले 2,827 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये भुगतान किया गया है। वहीं, 100 से अधिक पेटियां रखने वाले करीब 7,000 किसानों और बागवानों की पहचान की गई है। इनमें से 2,000 मामलों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि शेष 5,000 मामलों में भूमि रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेज सत्यापन के लिए मांगे गए हैं।
मंडियों तक पहुंचीं 1.23 करोड़ पेटियां
इस सीजन अब तक हिमाचल प्रदेश से सेब की 1.23 करोड़ पेटियां मंडियों तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि, सरकारी खरीद, भुगतान और बाजार में पहुंच रही पेटियों के ये आंकड़े ऐसे समय सामने आए हैं, जब मौसम की प्रतिकूलता ने उत्पादन को प्रभावित किया है। बागवानों के लिए अब समय पर भुगतान और उचित बाजार मूल्य उनकी मेहनत का बेहतर प्रतिफल सुनिश्चित करने में अहम होंगे।
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