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केंद्रीय कृषि आयुक्त की रसायन उद्योग को नसीहत : फसलों के साथ किसानों की सेहत पर भी ध्यान देने की जरूरत

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Umashankar Mishra Updated Sat, 13 Sep 2025 03:32 PM IST
सार

भारत में एग्रोकेमिकल (कृषि रसायन) उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) ने अपनी 8वीं वार्षिक आम सभा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर आधारित अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहयोग और लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मजबूत किए जाने की बात कही है। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि आयुक्त प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि फसलों के साथ ही किसानों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। 

भारत 2024-25 में 3.3 अरब डॉलर के कृषि रसायन निर्यात के साथ दुनिया का तीसरा बड़ा निर्यातक।
भारत 2024-25 में 3.3 अरब डॉलर के कृषि रसायन निर्यात के साथ दुनिया का तीसरा बड़ा निर्यातक। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारत में एग्रोकेमिकल (कृषि रसायन) उद्योग का प्रतिनिधित्व करने वाले संगठन एग्रो केम फेडरेशन ऑफ इंडिया (ACFI) ने सरकार से कृषि रसायन उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए पीएलआई स्कीम और टैक्स छूट की मांग की है। संगठन का कहना है कि यह कदम किसानों की आय दोगुनी करने और भारत को वैश्विक खाद्य आपूर्ति में मजबूत करने में सहायक हो सकता है। डेलॉइट के साथ ACFI ने इस सप्ताह अपनी वार्षिक आम सभा में एक ज्ञापन जारी किया, जिसमें फसल संरक्षण उद्योग, नियामक ढांचे और विकास सुझावों पर चर्चा की गई है।  

भारत तीसरा बड़ा कृषि रसायन निर्यातक
ACFI ने कहा है कि भारत 2024-25 में 3.3 अरब डॉलर के कृषि रसायन निर्यात के साथ दुनिया का तीसरा बड़ा निर्यातक बन गया है, जो दस साल पहले 1.3 अरब डॉलर था। लेकिन, विलोवुड के एमडी परिक्षित मुंध्रा ने चेतावनी दी है कि चीन से तकनीकी कच्चे माल पर निर्भरता भू-राजनीतिक तनाव या आपूर्ति बाधाओं से जोखिम बढ़ गया है। कुछ उच्च मूल्य वाली सामग्रियां घरेलू स्तर पर पर्याप्त मात्रा में नहीं बनतीं, जिससे उत्पादन लागत और पर्यावरणीय चुनौतियां बढ़ रही हैं। 

पीएलआई और आरएंडडी पर फोकस 
ACFI ने 11 सितंबर 2025 को अपनी 8वीं वार्षिक आम सभा में सार्वजनिक-निजी भागीदारी पर आधारित अनुसंधान एवं विकास (R&D) सहयोग और लघु, सूक्ष्म और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मजबूत किए जाने की बात कही है। इस अवसर पर कृषि आयुक्त प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि फसलों के साथ किसानों के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना जरूरी है। 

डेलॉइट इंडिया के राजीव रंजन ने सुझाव दिया कि पीएलआई स्कीम से आयातित सक्रिय तत्वों का घरेलू उत्पादन बढ़ाया जा सकता है, जो आत्मनिर्भरता और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति को मजबूत करने में सहायक हो सकता है।  
कारोबारी मुश्किलें दूर करने की अपील
नए निर्वाचित चेयरमैन राहुल धनुका ने कहा कि कारोबार में आसानी से न सिर्फ कृषि उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने का लक्ष्य भी हासिल होगा। यह कदम एग्रोकेमिकल हब स्थापित करने और किसानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।  
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