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Home› Kheti Kisani› Farmers Achieved Bumper Yield Of Pomegranate Amid The Threat Of Drought And Disease Shared Special Tips

किसानों ने सूखे-रोग के खतरे के बीच हासिल की अनार की बंपर उपज : साझा किए खास टिप्स, मिट्टी से सिंचाई तक की सलाह

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sun, 18 Oct 2026 08:53 PM IST
सार

  • कर्नाटक के तीन किसानों को अनार की बेहतर पैदावार के लिए सम्मानित किया गया
  • श्रीनिवास को 15 एकड़ बाग से 70 टन से ज्यादा उपज की उम्मीद
  • सूखे और बैक्टीरियल ब्लाइट के खतरे के बीच जारी रखी अनार की खेती
  • मिट्टी की जांच, ड्रिप सिंचाई और स्वस्थ पौधों का चयन जरूरी
  • अनार की भगवा किस्म निर्यात के लिए उपयुक्त, वजन के आधार पर तय होती है फल की श्रेणी

सफल किसानों ने बताई अनाज की बंपर पैदावार की कुंजी।
सफल किसानों ने बताई अनाज की बंपर पैदावार की कुंजी। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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कर्नाटक के तीन किसानों ने सूखे और बैक्टीरियल ब्लाइट जैसे रोगों के खतरे के बावजूद अनार की बेहतरीन पैदावार हासिल कर दिखाई है। इसके लिए इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चरल टेक्नोलॉजिस्ट और और बागवानी विभाग ने किसानों को सम्मानित किया है।

15 एकड़ में 70 टन पैदावार की उम्मीद
गोनूरु गांव में रहने वाले श्रीनिवास बीते 14 साल से सिर्फ अनार की बागवानी कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस साल अपने 15 एकड़ बाग से 70 टन से ज्यादा अनार मिलने की उम्मीद है। इससे पहले वे 150 टन तक की पैदावार भी ले चुके हैं। श्रीनिवास के साथ-साथ गौरीबिदानूर के किसान जी.सी. मुने गौड़ा और एम.आर. देवराज को भी इस सफलता के लिए पहचाना गया है।

किताब में छपे सफलता के तरीके
आईएटी के अध्यक्ष ए.बी. पाटिल के अनुसार, सूखे और बीमारी के जोखिम के बावजूद इन किसानों ने हर साल अनार उगाया है। इसलिए इनके आसान तरीकों को हमने अपनी किताब कर्नाटक दाळिंबे संपदा 2026 में छापा है। पाटिल के मुताबिक, बैक्टीरियल ब्लाइट की वजह से उत्तरी कर्नाटक में खेती का माहौल बदला है, लेकिन सही तरीकों से इस बीमारी को रोका जा सकता है। उन्होंने बताया कि अनार की 'भगवा' किस्म निर्यात (विदेश भेजने) के लिए बहुत अच्छी मानी जाती है।

अनार की अच्छी खेती के आसान तरीके
सफल किसानों ने अच्छी पैदावार के लिए कुछ मुख्य और आसान बातें बताई हैं। श्रीनिवास के अनुसार, सबसे पहले मिट्टी की जांच कराएं। मिट्टी का पीएच (pH) 6.5 से 7 के बीच होना चाहिए। साफ पानी होना चाहिए और सिंचाई 'ड्रिप सिस्टम' से करनी चाहिए। हमेशा भरोसेमंद नर्सरी से ही पौधे खरीदें। पौधे और उनकी जड़ें पूरी तरह कीड़ों और बीमारियों से मुक्त होनी चाहिए। खराब जड़ों वाले पौधे पूरे खेत को बर्बाद कर सकते हैं।

किसान देवराज के अनुसार, फलों और पौधों को कीड़ों से बचाने के लिए हफ्ते में कम से कम एक या दो बार कीटनाशक दवाओं का छिड़काव जरूर करें। भले ही अनार कम पानी की फसल है, लेकिन पौधों को स्वस्थ रखने के लिए पानी की सही मात्रा बहुत जरूरी है।

वजन के हिसाब से अनार की पहचान
अधिकारियों के अनुसार, एक अच्छे अनार का वजन 250 से 500 ग्राम तक होता है। वजन के आधार पर ही इसके दाम तय होते हैं। इन्हें 4 हिस्सों में बांटा गया है, दैसे सुपर किंग साइज 750 ग्राम, किंग साइज 500 से 600 ग्राम, क्वीन साइज 400 से 500 ग्राम और प्रिंस साइज 300 से 400 ग्राम का होता है।


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