खेती-किसानी में महिलाओं की अहम भूमिका है, लेकिन कई बार उन्हें किसान के रूप में औपचारिक पहचान नहीं मिल पाती। अब ऐसी महिलाओं को पहचान और सम्मान दिलाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के सांची में महिला किसान दिवस के कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने महिला किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी मदद और बिना गारंटी के ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में काम करने की बात भी कही। इस दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन भी किया गया।
खेती करने वाली महिलाओं को मिले किसान का दर्जा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसान की पहचान केवल जमीन के मालिकाना हक से नहीं, बल्कि खेती में उसके वास्तविक योगदान से भी होनी चाहिए। जो महिलाएं खेतों में काम करती हैं, फसल उगाती हैं और पशुपालन के साथ दूध उत्पादन व पशुओं की देखभाल करती हैं, वे भी महिला किसान हैं। उन्हें उनकी मेहनत के अनुरूप पहचान और सम्मान मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अनाज के अलावा फल-सब्जियों की खेती, औषधीय पौधों की खेती, मछली पालन और मुर्गी पालन भी कृषि से जुड़ी गतिविधियां हैं। इनमें महिलाओं की बड़ी भूमिका है। कृषि मंत्री के रूप में वह महिला किसानों को औपचारिक पहचान दिलाने का मुद्दा संबंधित मंचों पर उठाएंगे।
रायसेन और विदिशा से गरीबी मुक्त गांव बनाने की पहल
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रायसेन और विदिशा से पायलट अभियान शुरू करने की योजना है। इसका उद्देश्य हर गांव के हर परिवार को कम से कम एक आजीविका के साधन से जोड़ना है, ताकि गांवों को गरीबी मुक्त बनाने की दिशा में काम किया जा सके।
उन्होंने कहा कि परिवारों की आय बढ़ाने के लिए खेती, कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग, पशुपालन, बकरी पालन, मछली पालन और छोटे व्यवसायों को बढ़ावा दिया जाएगा। गरीबी से स्थायी मुक्ति के लिए परिवारों को रोजगार और कमाई के अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। इस अभियान में महिला किसानों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होगी।
दाल मिल और फूड प्रोसेसिंग जैसे उद्योग शुरू करें महिलाएं
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि महिलाओं को केवल कृषि उत्पादन तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें खेती से जुड़े छोटे उद्योग शुरू करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में दलहन का उत्पादन अधिक होता है, वहां छोटी दाल मिल लगाई जा सकती है। इसी तरह तिलहन से तेल निकालने, टमाटर से केचप बनाने और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग के छोटे उद्योग शुरू किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि महिला किसानों को ऐसे उद्यम शुरू करने के लिए प्रशिक्षण, मशीनें और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास होंगे। इससे किसान अपने उत्पादों का बेहतर मूल्य हासिल कर सकेंगे और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
बिना गारंटी के ऋण और तकनीकी सहायता पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महिला किसानों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय मदद, प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और जरूरी दस्तावेज तैयार करने में सहयोग की जरूरत है। उन्होंने महिलाओं को बिना गारंटी या कम गारंटी वाले ऋण उपलब्ध कराने की दिशा में प्रयास करने की बात कही, ताकि पैसे की कमी उनके कारोबार शुरू करने में बाधा न बने।
उन्होंने महिला किसान संगठनों और महिला किसान उत्पादक संगठनों (FPO) को प्रोत्साहन देने, खरीद में उन्हें प्राथमिकता दिलाने और कृषि योजनाओं का लाभ महिला किसानों तक पहुंचाने पर भी काम करने की बात कही।
महिला किसान मंच से मिलेगा सहयोग
शिवराज सिंह चौहान ने महिला किसान मंच की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि महिलाओं को ऐसा मंच मिलना चाहिए, जहां वे अपने अनुभव साझा कर सकें, एक-दूसरे से सीख सकें और आगे बढ़ने के नए रास्ते तलाश सकें। उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के लिए पुरुषों और महिलाओं को मिलकर काम करना होगा।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक रूप से सशक्त बनाना जरूरी है। महिला किसान आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तो उनके परिवारों की स्थिति बेहतर होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 46 ग्रामीण सड़कों का भूमिपूजन किया गया। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इन सड़कों के बनने से गांवों में आवागमन आसान होगा और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखने पर जोर दिया।
उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि सड़कों के शिलान्यास से जुड़े पत्थर संबंधित गांवों में लगाए जाएं और निर्माण कार्य शुरू होने पर गांव में ही कार्यक्रम आयोजित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़े।
सांची में हजारों मकानों की जरूरत का सर्वे
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनके मुताबिक, सांची विधानसभा क्षेत्र में वर्ष 2025-26 में 3,081 और वर्ष 2024-25 में 5,035 मकान स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत 218 और धरती आबा योजना के तहत 246 मकान स्वीकृत किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि हालिया सर्वे में सांची विधानसभा क्षेत्र में 22,477 अतिरिक्त मकानों की जरूरत सामने आई है। उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के कच्चे मकान हैं और जिनका सर्वे पूरा हो चुका है, उन्हें पक्का मकान बनाने के लिए सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
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