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ICAR के संस्थानों में स्वच्छता अभियान तेज : पुरानी फाइलों की छंटाई से लेकर खेतों की सफाई तक पर जोर

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 16 Oct 2026 06:45 PM IST
सार

  • ICAR और DARE के तहत कृषि अनुसंधान संस्थानों में स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 चलाया जा रहा है।

  • पटना स्थित ICAR संस्थान में खेतों, आंतरिक रास्तों और परिसर की सफाई पर जोर दिया गया।

  • गोवा में 70 किलो धातु, 200 किलो एमसीबी पैनल, 100 किलो बाड़ के तार और 20 किलो प्लास्टिक कबाड़ की पहचान की गई।

  • पुराने भौतिक वाउचर की छंटाई कर भंडारण की जगह खाली करने की पहल की गई।

ICAR के संस्थानों में स्वच्छता अभियान तेज
ICAR के संस्थानों में स्वच्छता अभियान तेज - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (DARE) की ओर से स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के तहत कृषि अनुसंधान संस्थानों में साफ-सफाई और जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इनका उद्देश्य संस्थानों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखना, बेकार सामान का उचित निपटारा करना और कर्मचारियों व विद्यार्थियों को साफ-सफाई के प्रति जागरूक करना है।

विभाग के मुताबिक, स्वच्छता अभियान के तहत नागरिक जिम्मेदारियों और साफ-सफाई की अच्छी आदतों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही कृषि अनुसंधान संस्थानों के परिसर, खेतों, रास्तों और हरित क्षेत्रों की सफाई पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

पटना में खेतों और संस्थान परिसर की सफाई
बिहार की राजधानी पटना स्थित आईसीएआर के पूर्वी क्षेत्र के लिए अनुसंधान परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया गया। इसके तहत खेतों के आसपास की सफाई, अनचाही झाड़ियों और खरपतवार को हटाने तथा कचरा इकट्ठा कर उसका उचित निपटान करने पर जोर दिया गया।

संस्थान के आंतरिक रास्तों, खुले स्थानों और सार्वजनिक उपयोग वाले क्षेत्रों को साफ रखने की गतिविधियां भी की गईं। इसका उद्देश्य परिसर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाना तथा वहां काम करने वाले कर्मचारियों और आने वाले लोगों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना है।

गोवा में पुराने रिकॉर्ड और कबाड़ की छंटाई
गोवा स्थित आईसीएआर-केंद्रीय तटीय कृषि अनुसंधान संस्थान में स्वच्छता विशेष अभियान 6.0 के तहत पुराने भौतिक वाउचर और रिकॉर्ड की छंटाई की गई। रिकॉर्ड रखने से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार इस काम से गैरजरूरी दस्तावेजों को हटाने और भंडारण के लिए उपलब्ध जगह खाली करने में मदद मिली।इसके अलावा, संस्थान की विभिन्न इकाइयों और गेस्ट हाउस से बेकार व अनुपयोगी सामान की पहचान कर उसे निपटाने की प्रक्रिया शुरू की गई।

संस्थान ने कबाड़ के रूप में 70 किलोग्राम धातु का सामान, 200 किलोग्राम एमसीबी पैनल, 100 किलोग्राम बाड़ लगाने वाले तार और 20 किलोग्राम प्लास्टिक सामग्री की पहचान की है। इन सामानों को आगे की कार्रवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनका निपटारा तय प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

मोतिहारी में केले के बागान और हरित क्षेत्रों की सफाई
बिहार के मोतिहारी स्थित आईसीएआर-महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान में भी स्वच्छता अभियान चलाया गया। यहां केले के बागान की कतारों और आसपास के हरित क्षेत्रों की सफाई पर ध्यान दिया गया। अभियान के तहत बढ़े हुए खरपतवार, अनचाही वनस्पति और बिखरे कचरे को हटाने पर जोर दिया गया। नियमित सफाई से बागान के रास्तों को साफ रखने और संस्थान के हरित क्षेत्रों का बेहतर रखरखाव करने में मदद मिलती है।

स्वच्छता के साथ जागरूकता बढ़ाने पर जोर
DARE और ICAR के मुताबिक, स्वच्छता विशेष अभियान का उद्देश्य केवल परिसर की सफाई तक सीमित नहीं है। इसके जरिए कर्मचारियों और विद्यार्थियों में साफ-सफाई, नागरिक जिम्मेदारियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास भी किया जा रहा है। अभियान के तहत कृषि अनुसंधान संस्थानों में स्वच्छता बनाए रखने, रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और अनुपयोगी सामान का उचित निपटारा करने जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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