भारत के पारंपरिक ताड़ गुड़ पाउडर को अब विदेशी बाजार में भी पहचान मिल रही है। तमिलनाडु के इरोड जिले से 1.755 टन जैविक ताड़ गुड़ पाउडर पहली बार बुल्गारिया भेजा गया है। इस निर्यात में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) ने मदद की है। 15 अक्टूबर 2026 को गोबीचेट्टीपलायम से इस खेप को बुल्गारिया के वारना शहर के लिए रवाना किया गया।
इस पहल से तमिलनाडु के पारंपरिक ताड़ उत्पादों को विदेशी बाजार में जगह मिलने की उम्मीद है। साथ ही, जैविक खेती करने वाले किसानों के लिए निर्यात के नए अवसर खुल सकते हैं। इस परियोजना से 137 एकड़ क्षेत्र में जैविक खेती जुड़ी हुई है।
घरेलू बाजार से बेहतर दाम मिलने की उम्मीद
APEDA के अनुसार, विदेशी बाजार में इस उत्पाद के निर्यात से किसानों और निर्माता को घरेलू बाजार के मुकाबले बेहतर कीमत मिलने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, किसानों को घरेलू बाजार की तुलना में लगभग 15 से 22 फीसदी तक बेहतर मूल्य मिलने की बात कही गई है। वहीं, निर्माता को करीब 17 फीसदी अधिक कीमत मिलने की जानकारी दी गई है।
बेहतर बाजार और कीमत मिलने से जैविक खेती करने वाले उत्पादकों की आमदनी बढ़ाने में मदद मिल सकती है। इससे ताड़ आधारित उत्पादों की खेती, प्रसंस्करण और बिक्री से जुड़े लोगों के लिए भी नए अवसर बन सकते हैं।
चेन्नई बंदरगाह से समुद्री रास्ते भेजी गई खेप
इस खेप का उत्पादन और निर्यात इरोड की कंपनी वेलबीइंग फूड्स ने चेन्नई की चेट्टी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के साथ मिलकर किया है। उत्पाद को चेन्नई बंदरगाह के रास्ते समुद्र के जरिए बुल्गारिया भेजा जाएगा। वहां सोव लाइफ लिमिटेड इसका आयात और वितरण करेगी।
यह ताड़ गुड़ पाउडर भारत के राष्ट्रीय जैविक उत्पादन कार्यक्रम (NPOP) और यूरोपीय संघ (EU) के जैविक प्रमाणन मानकों के अनुरूप प्रमाणित है। इससे विदेशी बाजार में उत्पाद की स्वीकार्यता बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
ताड़ के फूलों के रस से बनता है गुड़ पाउडर
ताड़ गुड़ पाउडर ताड़ के पेड़ के फूलों से प्राप्त रस से तैयार किया जाता है। यह भारत में इस्तेमाल होने वाला पारंपरिक प्राकृतिक मीठा उत्पाद है। इसे रिफाइंड चीनी के विकल्प के रूप में भी पेश किया जाता है। इसमें कुछ विटामिन और खनिज तत्व मौजूद हो सकते हैं।
ताड़ के पेड़ और उससे जुड़े उत्पाद तमिलनाडु की कृषि और सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा रहे हैं। ऐसे पारंपरिक उत्पादों को आधुनिक प्रसंस्करण और जैविक प्रमाणन के साथ विदेशी बाजारों तक पहुंचाने से इनके मूल्यवर्धन की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।
APEDA ने निर्यात को बढ़ावा देने पर दिया जोर
इस खेप को रवाना करने के कार्यक्रम में APEDA के अध्यक्ष अभिषेक देव ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में APEDA की सचिव डॉ. स्वस्वती बोस, निर्यातक कंपनियों के प्रतिनिधि, विदेशी भागीदार, किसान और अन्य संबंधित लोग भी मौजूद रहे।
APEDA का उद्देश्य भारतीय कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देना, गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करना और भारतीय उत्पादकों को विदेशी खरीदारों से जोड़ना है। बुल्गारिया को जैविक ताड़ गुड़ पाउडर का यह पहला निर्यात भारत के पारंपरिक कृषि उत्पादों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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