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गांवों के विकास को मिलेगी नई रफ्तार: PM विकसित ग्राम स्वराज योजना हुई मंजूर, 2.55 लाख पंचायतों को मिलेगा फायदा

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 28 Oct 2026 04:17 PM IST
सार

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी दी। 7,395 करोड़ रुपये की इस योजना से 2.55 लाख से अधिक पंचायतों और 32 लाख प्रतिनिधियों को लाभ मिलेगा।

केंद्रीय कैबिनेट (फाइल फोटो)
केंद्रीय कैबिनेट (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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केंद्र सरकार ने गांवों में विकास कार्यों की बेहतर योजना बनाने, पंचायतों की कार्यक्षमता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PM VGSY) को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को इस योजना को मंजूरी दी। इसे वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। योजना पर कुल 7,395.55 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें केंद्र सरकार 4,869.48 करोड़ रुपये और राज्य सरकारें 2,526.07 करोड़ रुपये देंगी।

2.55 लाख पंचायतों और 32 लाख प्रतिनिधियों को मिलेगा लाभ
इस योजना का लाभ देश की 2.55 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों और पारंपरिक स्थानीय निकायों को मिलेगा। इसके तहत करीब 32 लाख निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पंचायत कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी, गांव के विकास की योजना बनाने, उपलब्ध बजट का बेहतर इस्तेमाल करने और डिजिटल माध्यमों से काम करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

योजना का उद्देश्य ग्राम पंचायतों को गांव के विकास का प्रमुख केंद्र बनाना है, ताकि स्थानीय जरूरतों के हिसाब से विकास कार्यों की पहचान की जा सके और सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर उनका बेहतर लाभ उठाया जा सके।

हर साल बनेंगी 2.55 लाख ग्राम विकास योजनाएं
योजना के तहत हर साल कम से कम 2.55 लाख ग्राम पंचायत विकास योजनाएं तैयार करने में मदद दी जाएगी। ये योजनाएं ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर बनाई जाएंगी। इसमें गांव की जरूरतों, लोगों की प्राथमिकताओं, केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं तथा उपलब्ध धनराशि को ध्यान में रखा जाएगा।

इससे पंचायतों को यह पहचानने में मदद मिलेगी कि गांव में किन सुविधाओं की कमी है और किन विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। अलग-अलग विभागों की योजनाओं के बीच तालमेल बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा। हालांकि, मौजूदा सरकारी योजनाओं को लागू करने की व्यवस्था पहले की तरह जारी रहेगी।

हर जागरूकता अभियान से एक करोड़ लोगों तक पहुंचेगी जानकारी
योजना के तहत हर जागरूकता अभियान के जरिए कम से कम एक करोड़ नागरिकों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, ग्राम सभाओं और पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों का इस्तेमाल किया जाएगा।

लोगों को सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय स्तर की विकास पहलों की जानकारी सरल भाषा में दी जाएगी, ताकि वे समझ सकें कि इन योजनाओं से उनके गांव को क्या लाभ मिल सकता है। इसके लिए 17 भारतीय भाषाओं में संवाद करने वाले कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित ‘पंचम’ प्लेटफॉर्म का भी उपयोग किया जाएगा।

पंचायतों के खर्च और ऑडिट में बढ़ेगी पारदर्शिता
योजना के तहत पंचायतों में बजट के इस्तेमाल और खर्च का हिसाब रखने की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। हर साल कम से कम 2.55 लाख पंचायतों के लिए ऑनलाइन ऑडिट योजनाएं तैयार करने और समय पर ऑडिट पूरा कराने में मदद दी जाएगी। इसके लिए ऑडिटऑनलाइन पोर्टल का उपयोग किया जाएगा।

पंचायतों को अपने स्रोतों से आय बढ़ाने, खातों का सही रिकॉर्ड रखने और वित्तीय जानकारी सार्वजनिक करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे पंचायतों के कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने और उपलब्ध धन का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी योजना
प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी। जिन क्षेत्रों में संविधान के भाग-9 के तहत पंचायत व्यवस्था लागू नहीं है, वहां पारंपरिक स्थानीय निकायों को भी इसके दायरे में शामिल किया जाएगा।

योजना को राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के माध्यम से लागू किया जाएगा। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हर साल की कार्ययोजना बनाकर केंद्र के समक्ष प्रस्तुत करनी होगी। इसके बाद संबंधित केंद्रीय समिति इन योजनाओं की समीक्षा और मंजूरी देगी।

स्थायी पद नहीं बनेंगे, जरूरत के अनुसार संविदा पर होंगी नियुक्तियां
सरकार के अनुसार, इस योजना के तहत कोई स्थायी पद नहीं बनाया जाएगा। हालांकि, कामकाज में तकनीकी सहायता देने के लिए राज्य, जिला और ब्लॉक स्तर पर जरूरत के अनुसार संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति की जा सकती है।
 
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