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Vb G Ram G Scheme Officials Not Suppress Complaints Villagers Resolve Them Within 15 Days New Rules Have Been
VB-G RAM G योजना: अब ग्रामीणों की शिकायत दबा नहीं सकेंगे अधिकारी... 15 दिन में करना होगा समाधान, बने नए नियम
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Mon, 02 Nov 2026 01:01 PM IST
सार
VB-G RAM G शिकायत निवारण नियम 2026 अधिसूचित। अब ग्रामीणों की शिकायतों की जांच 7 कार्यदिवस में और समाधान 15 दिन में करना होगा। जानें शिकायत दर्ज करने के तरीके और नए नियम।
ग्रामीण रोजगार और आजीविका से जुड़ी VB-G RAM G योजना के तहत आने वाली शिकायतों का अब तय समय में निपटारा करना होगा। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने इसके लिए VB-G RAM G शिकायत निवारण नियम, 2026 अधिसूचित कर दिए हैं। नए नियमों के तहत शिकायत की जांच सात कार्यदिवस में पूरी करनी होगी, जबकि शिकायत मिलने के 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना जरूरी होगा।
इन नियमों का मकसद योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बढ़ाना और ग्रामीणों की शिकायतों पर समय से कार्रवाई सुनिश्चित करना है। इसके लिए ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण व्यवस्था बनाई जाएगी।
ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक होगी शिकायत की सुनवाई
नए नियमों के तहत राज्य सरकारों को ग्राम पंचायत, ब्लॉक और जिला स्तर पर शिकायत निवारण अधिकारियों की नियुक्ति करनी होगी। ये अधिकारी शिकायतें प्राप्त करेंगे, उनका पंजीकरण करेंगे, जांच कराएंगे और उनका निपटारा करेंगे। जिला स्तर पर जिला कार्यक्रम समन्वयक (District Programme Coordinator) शिकायतों के निवारण की निगरानी करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि शिकायतों पर तय प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई हो।
चार तरीकों से दर्ज करा सकेंगे शिकायत
योजना से जुड़े किसी भी मामले में कोई भी व्यक्ति शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए कई विकल्प दिए गए हैं।
सीधे जाकर : ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर नियुक्त शिकायत निवारण अधिकारी के पास शिकायत दे सकते हैं।
डाक से : स्पीड पोस्ट के जरिए शिकायत भेज सकते हैं। इसके लिए डिलीवरी का प्रमाण रखना होगा।
ऑनलाइन : केंद्र सरकार की ओर से तय डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
फोन से : टेलीफोन, हेल्पलाइन या राज्य सरकार की ओर से तय अन्य माध्यमों से भी शिकायत की जा सकेगी।
यदि कोई शिकायत कागज पर ग्राम पंचायत, ब्लॉक या जिला स्तर पर मिलती है, तो उसे उसी दिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज करना होगा। अगर ऐसा संभव नहीं है, तो अगले कार्यदिवस तक उसका पंजीकरण करना जरूरी होगा।
शिकायत दर्ज होने के बाद आवेदक को एक रसीद या पावती दी जाएगी। इसमें शिकायत का पंजीकरण नंबर, मिलने की तारीख और उसे प्राप्त करने वाले अधिकारी का पद दर्ज होगा। ऑनलाइन शिकायत पर डिजिटल और लिखित शिकायत पर कागजी पावती दी जाएगी।
भाषा या फॉर्मेट के कारण शिकायत नहीं होगी खारिज
नए नियमों की एक अहम बात यह है कि शिकायत को उसके फॉर्मेट, भाषा या जमा करने के तरीके के आधार पर दर्ज करने से मना नहीं किया जा सकेगा। यदि शिकायत में कोई प्रक्रियागत कमी भी है, तब भी उसका पंजीकरण नहीं रोका जा सकता। इसका मतलब है कि ग्रामीण अपनी भाषा में और उपलब्ध किसी भी तय माध्यम से शिकायत कर सकेंगे। उन्हें केवल तकनीकी या प्रक्रियागत कारणों से शिकायत दर्ज कराने से नहीं रोका जाएगा।
सात दिन में जांच, 15 दिन में समाधान जरूरी
नियमों में शिकायतों की जांच और समाधान के लिए समयसीमा तय की गई है। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी को उसकी जांच शुरू करनी होगी। जरूरत पड़ने पर अधिकारी संबंधित विभागों और कर्मचारियों से रिकॉर्ड, रजिस्टर, दस्तावेज, रिपोर्ट या डिजिटल जानकारी मांग सकते हैं। शिकायतकर्ता को भी अपनी बात रखने का उचित मौका दिया जाएगा। वह अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन माध्यम से अपना पक्ष रख सकता है।
7 कार्यदिवस : शिकायत की जांच इस अवधि में पूरी करनी होगी।
15 दिन : शिकायत मिलने की तारीख से 15 दिनों के भीतर उसका समाधान करना होगा।
जांच पूरी होने के बाद अधिकारी को अपनी रिपोर्ट और निष्कर्ष दर्ज करने होंगे। शिकायत के समाधान के लिए जरूरी सुधारात्मक कार्रवाई भी करनी होगी। जांच के नतीजे और की गई कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को दी जाएगी।
15 दिन में समाधान नहीं हुआ तो शिकायत पहुंचेगी अगले स्तर पर
शिकायतों की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा। इस पर शिकायत दर्ज होने से लेकर उसके अंतिम निपटारे तक की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी। जांच, रिपोर्ट और कार्रवाई का ब्योरा भी डिजिटल रूप से दर्ज किया जाएगा।
यदि किसी शिकायत का 15 दिनों के भीतर समाधान नहीं होता है, तो उसे शिकायत निवारण व्यवस्था के अगले उच्च स्तर पर भेज दिया जाएगा। वहां संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई करेंगे। शिकायत का समाधान होने तक उसकी ऑनलाइन निगरानी जारी रहेगी।
शिकायत के फैसले के खिलाफ अपील का भी प्रावधान
नए नियमों में शिकायत निवारण अधिकारी के फैसले के खिलाफ अपील करने की व्यवस्था भी की गई है। अपील VB-G RAM G अधिनियम, 2025 की अनुसूची-1 में दिए गए प्रावधानों के अनुसार दायर और निपटाई जाएगी।
सरकार का कहना है कि इन नियमों से योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को मिलने वाले अधिकारों और सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का निपटारा अधिक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो सकेगा। ग्राम पंचायत से जिला स्तर तक शिकायत सुनने की व्यवस्था और डिजिटल निगरानी से अधिकारियों की जवाबदेही भी बढ़ेगी।
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