विज्ञापन
Home› Khabar Junction› Cyclone Murasu Severe Cyclone Moves Towards Andhra Coast Winds Blow Speed 120 Km H 11 Flights Cancelled

Cyclone Murasu: आंध्र के तट की ओर बढ़ा भीषण चक्रवात, 120 किमी की रफ्तार से चलेंगी हवाएं; 11 उड़ानें रद्द

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Mon, 02 Nov 2026 12:51 PM IST
सार

चक्रवात मुरासु आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है। 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और समुद्र में 16 फीट ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। चेन्नई की 11 उड़ानें रद्द, कई जिलों में स्कूल बंद।

आंध्र के तट की ओर बढ़ा भीषण चक्रवात
आंध्र के तट की ओर बढ़ा भीषण चक्रवात - फोटो : गांव जंक्शन
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बंगाल की खाड़ी में बना भीषण चक्रवाती तूफान 'मुरासु' आंध्र प्रदेश के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान सोमवार आधी रात से मंगलवार सुबह 4 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच, ओंगोल के आसपास दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के साथ 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

तूफान के असर से समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और तटीय इलाकों में भारी बारिश की आशंका है। आंध्र प्रदेश के कई बंदरगाहों पर खतरे के संकेत जारी किए गए हैं। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। वहीं, खराब मौसम के कारण चेन्नई हवाई अड्डे से आने-जाने वाली 11 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। चेन्नई, तिरुवल्लूर और आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में शैक्षणिक संस्थानों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया है।

चक्रवात मुरासु का ताजा अपडेट: चेन्नई से 180 किलोमीटर दूर तूफान
2 नवंबर की सुबह 8:30 बजे तक चक्रवात मुरासु पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में था। यह करीब 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था। उस समय तूफान चेन्नई से लगभग 180 किलोमीटर उत्तर-पूर्व और आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से करीब 160 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, तूफान सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह 4 बजे के बीच दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट को पार कर सकता है। इसके नेल्लोर और नरसापुर के बीच तट से टकराने की संभावना है। इस दौरान 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हवा के तेज झोंकों की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र की ऊंची लहरों का खतरा
चक्रवात के कारण आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र का पानी ऊपर उठने और निचले क्षेत्रों में भरने का खतरा है। मौसम विभाग ने बापटला, कृष्णा और प्रकाशम जिलों के तटीय इलाकों में समुद्र की लहरों के कारण पानी भरने की चेतावनी दी है।

अनुमान है कि तूफान के तट से टकराने के समय समुद्र का जलस्तर सामान्य ज्वार से करीब 3.2 से 5 फीट तक ऊपर उठ सकता है। इससे निचले तटीय इलाकों में पानी घुसने की आशंका है। पूर्वी गोदावरी तट पर अंतरवेदी से पेरुमल्लापुरम के बीच भी ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। यहां सोमवार दोपहर 2:30 बजे से मंगलवार सुबह 11:30 बजे तक 10 से 16 फीट ऊंची लहरें उठ सकती हैं। समुद्र में तेज लहरों के कारण तटीय कटाव और पानी के आगे बढ़ने का खतरा भी है।

कई बंदरगाहों पर खतरे के संकेत जारी
चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए आंध्र प्रदेश के कई बंदरगाहों पर चेतावनी संकेत जारी किए गए हैं।
  • निजामपट्टनम और वडारेवु बंदरगाह पर ग्रेट डेंजर सिग्नल नंबर 10 जारी किया गया है।
  • मछलीपट्टनम बंदरगाह पर ग्रेट डेंजर सिग्नल नंबर 9 लगाया गया है।
  • कृष्णापट्टनम बंदरगाह पर ग्रेट डेंजर सिग्नल नंबर 8 जारी किया गया है।
  • विशाखापत्तनम, भीमुनिपट्टनम, गंगावरम, काकीनाडा और कलिंगपट्टनम बंदरगाहों पर लोकल कॉशनरी सिग्नल नंबर 3 लगाया गया है।
इन संकेतों के जरिए बंदरगाहों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को तूफान के खतरे के प्रति सतर्क किया गया है।

मछुआरों को समुद्र में जाने से रोका गया
चक्रवात को देखते हुए आंध्र प्रदेश के तट पर मछली पकड़ने की गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है। मछुआरों को सोमवार से बुधवार तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। मत्स्य विभाग और मछली पकड़ने वाले बंदरगाहों के अधिकारियों को मछुआरा समुदाय तक चेतावनी पहुंचाने और समुद्र की स्थिति पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। छोटी नावों को भी समुद्र में नहीं उतारने की सलाह दी गई है। समुद्र के किनारे मनोरंजन और अन्य गतिविधियां रोकने को कहा गया है।

चेन्नई एयरपोर्ट से 11 उड़ानें रद्द, विशाखापत्तनम में भी असर
चक्रवात मुरासु के कारण हवाई सेवाओं पर भी असर पड़ा है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के मुताबिक, सोमवार 2 नवंबर को चेन्नई हवाई अड्डे से आने और जाने वाली कुल 11 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। इनमें विजयवाड़ा, कडप्पा, राजमुंदरी और तिरुचि जैसे शहरों की उड़ानें शामिल हैं।

वहीं, इंडिगो ने खराब मौसम के कारण विशाखापत्तनम में उड़ानों के संचालन पर असर पड़ने की जानकारी दी है। यात्रियों को हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले अपनी उड़ान की स्थिति जांचने की सलाह दी गई है।

गुंटूर, चेन्नई और तिरुवल्लूर में स्कूल-कॉलेज बंद
भारी बारिश और तेज हवाओं की आशंका को देखते हुए आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में सोमवार को सभी आंगनवाड़ी केंद्र, स्कूल और जूनियर कॉलेज बंद रखने का फैसला लिया गया है। जिला कलेक्टर सी.एम. साईकांत वर्मा ने यह आदेश जारी किया है। उन्होंने लोगों को जरूरी काम के बिना घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। तमिलनाडु के चेन्नई और तिरुवल्लूर समेत कई जिलों में भी सोमवार को स्कूल और कॉलेज बंद रखे गए हैं। यह फैसला भारी बारिश की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर लिया गया है।

चेन्नई में कई जगह भारी बारिश, नगर निगम की टीमें अलर्ट
चक्रवात मुरासु के बाहरी हिस्सों से निकले बारिश के बादल चेन्नई तक पहुंचे हैं। चेन्नई नगर निगम के अनुसार, शहर के 28 निगरानी केंद्रों पर भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि पांच केंद्रों पर बहुत भारी बारिश हुई। इनमें मुख्य रूप से उत्तरी चेन्नई के पार्री और मणली जैसे इलाके शामिल हैं। हालांकि, नगर निगम ने बताया कि किसी भी स्थान पर बेहद भारी या नियंत्रण से बाहर बारिश दर्ज नहीं की गई। जलभराव की समस्या दूर करने के लिए निगम की टीमें अलर्ट पर हैं।

विजयवाड़ा में मदद के लिए जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर
चक्रवात से जुड़ी परेशानी होने पर विजयवाड़ा के लोग अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए 'मना मित्र' व्हाट्सऐप सेवा का नंबर 95523 00009 जारी किया गया है। आपात स्थिति में मदद और जानकारी के लिए आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के इन नंबरों पर भी संपर्क किया जा सकता है:
  • 112
  • 1070
  • 18004250101

पवन कल्याण ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने चक्रवात मुरासु को लेकर लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने तूफान के दौरान प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने और सावधानी बरतने की बात कही है।

चक्रवात के तट से टकराने के समय तेज हवाओं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरों का खतरा बना हुआ है। ऐसे में तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन और मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन