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उत्तर प्रदेश : 31 दिसंबर तक होगी मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद, किसानों को 48 घंटे में मिलेगा भुगतान

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Fri, 09 Oct 2026 03:50 PM IST
सार

  • 31 दिसंबर 2026 तक खरीद: उत्तर प्रदेश में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद होगी।
  • बाजरा का एमएसपी ₹2,900: बाजरा के लिए 2,900 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया गया है।
  • मक्का का भाव ₹2,410: किसानों से मक्का की खरीद 2,410 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रस्तावित है।
  • ज्वार का भाव ₹4,023 से ₹4,073: मालदांडी ज्वार का एमएसपी 4,073 रुपये और हाइब्रिड ज्वार का 4,023 रुपये प्रति क्विंटल है।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार 31 दिसंबर तक मक्का, बाजरा और ज्वार की खरीद करेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि उपज बेचने वाले किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,900 रुपये, मक्का का 2,410 रुपये और ज्वार की अलग-अलग किस्मों का 4,023 से 4,073 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। खरीद के लिए प्रदेश में कुल 455 क्रय केंद्र बनाए जाने की जानकारी दी गई है।

मक्का, बाजरा और ज्वार का कितना मिलेगा भाव?
खाद्य एवं रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक, खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के तहत मोटे अनाज यानी श्रीअन्न की खरीद निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी।
  • बाजरा : 2,900 रुपये प्रति क्विंटल
  • मक्का : 2,410 रुपये प्रति क्विंटल
  • ज्वार (मालदांडी) : 4,073 रुपये प्रति क्विंटल
  • ज्वार (हाइब्रिड) : 4,023 रुपये प्रति क्विंटल

सरकार ने किसानों से इन फसलों की खरीद के लिए लक्ष्य भी तय किए हैं। इसके तहत 2.20 लाख मीट्रिक टन बाजरा, 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का प्रस्ताव है।

किसानों को 48 घंटे में भुगतान का निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि उपज बेचने वाले किसानों के बैंक खातों में 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। रकम सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी। खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों की भूमिका रोकने के लिए क्रय केंद्रों पर ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा।

खरीद या भुगतान से जुड़ी किसी समस्या के लिए किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी और विपणन निरीक्षक से भी मदद ली जा सकती है।

33 जिलों में होगी बाजरा की खरीद
राज्य सरकार ने बाजरा खरीद के लिए 33 जिलों को निर्धारित किया है। इनमें बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट और हमीरपुर शामिल हैं। बाजरा की खरीद के लिए 300 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। सरकार ने इस फसल की 2.20 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य रखा है।

इन 25 जिलों में खरीदा जाएगा मक्का
मक्का खरीद के लिए 25 जिले निर्धारित किए गए हैं। इनमें बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र और ललितपुर शामिल हैं। मक्का खरीद के लिए 75 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। इसके तहत 15 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीदने का लक्ष्य प्रस्तावित है।

ज्वार की खरीद के लिए 80 क्रय केंद्र
ज्वार की खरीद के लिए जारी सूची में बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर, कानपुर देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी और फिरोजाबाद शामिल हैं। यानी सूची में कुल 13 जिले हैं, जबकि शुरुआती घोषणा में 11 जिलों का उल्लेख किया गया है। जिलों की संख्या को लेकर आधिकारिक सूची से पुष्टि जरूरी है। ज्वार की खरीद के लिए 80 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। सरकार ने 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीदने का लक्ष्य प्रस्तावित किया है।

31 दिसंबर तक चलेगी खरीद
उत्तर प्रदेश में मक्का, बाजरा और ज्वार की सरकारी खरीद 31 दिसंबर 2026 तक चलेगी। सरकार का कहना है कि निर्धारित एमएसपी पर खरीद और 48 घंटे में भुगतान से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य पाने में मदद मिलेगी। किसानों के लिए जरूरी है कि वे खरीद केंद्रों पर पंजीकरण, सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की जानकारी लेकर ही उपज बेचने पहुंचें।
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