हरियाणा सरकार पंचायती जमीन पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की तैयारी कर रही है। पहले चरण में वर्ष 2027 की शुरुआत में पंचायती भूमि का 10 फीसदी हिस्सा प्राकृतिक खेती के लिए पट्टे पर दिया जाएगा। इसके अलावा, सरकार 800 एकड़ भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू करने की योजना बना रही है। प्राकृतिक खेती से पैदा होने वाली उपज की बिक्री के लिए अनाज मंडियों में अलग व्यवस्था भी की जाएगी।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने बजट घोषणाओं की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बजट में घोषित योजनाओं को जल्द से जल्द लागू किया जाए। बैठक में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ भूमि सुधार, पानी की जांच और फसल विविधीकरण से जुड़ी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
सेमग्रस्त जमीन सुधारने पर जोर
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले वर्ष राज्य में एक लाख एकड़ सेमग्रस्त भूमि को सुधारने का काम किया गया था। इस वर्ष एक लाख 40 हजार एकड़ भूमि को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से अब तक 22 हजार एकड़ भूमि को ठीक किया जा चुका है।
धान के बजाय दूसरी फसलों की खेती को प्रोत्साहन
कृषि मंत्री ने ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना की भी समीक्षा की। इस योजना के तहत धान की जगह दूसरी फसलें उगाने वाले किसानों को अनुदान दिया जाता है। इसका उद्देश्य फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना और पानी की बचत करना है।
मिट्टी और ट्यूबवेल के पानी की जांच में तेजी लाने के निर्देश
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को खेतों की मिट्टी और ट्यूबवेल के पानी की जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार, अब तक करीब तीन हजार किसान अपने ट्यूबवेल के पानी की जांच करवा चुके हैं। सरकार का जोर प्राकृतिक खेती, भूमि सुधार और पानी के बेहतर इस्तेमाल के जरिये खेती को टिकाऊ बनाने पर है। पंचायती भूमि पर प्राकृतिक खेती शुरू होने से इस पद्धति को बढ़ावा देने और किसानों को इसके विकल्पों से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर और व्यक्तिगत अनुभव प्रदान कर सकें और लक्षित विज्ञापन पेश कर सकें। अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।