उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में प्रदेश के मत्स्य विभाग को एक बड़ी सफलता मिली है। विभाग को मत्स्य पालन क्षेत्र के विकास के लिए कुल 600.20 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश राज्य में मछली उत्पादन, प्रसंस्करण और कोल्ड चेन जैसी आधुनिक सुविधाओं के विकास में मदद करेगा।
कोल्ड चेन और फीड मिल निवेश के केंद्र
मत्स्य विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सबसे बड़ा निवेश कोल्ड चेन क्षेत्र में आया है, जो 509.20 करोड़ रुपये का है। इसके अलावा फीड मिल में 51 करोड़ रुपये, मत्स्य पालन में 13.80 करोड़ रुपये, हैचरी एवं बीज उत्पादन में 6.20 करोड़ रुपये और वैल्यू एडिशन एवं निर्यात क्षेत्र में 20 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है।
ट्रेड शो के दौरान फिश व्हाइट, बीवीजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और पीवीआर एक्वा जैसे कई प्रमुख निवेशकों ने उत्तर प्रदेश में आधुनिक हैचरी और गुणवत्तापूर्ण बीज उत्पादन के क्षेत्र में रुचि दिखाई है।
किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर
मत्स्य विभाग की महानिदेशक धनलक्ष्मी के. ने बताया कि ट्रेड शो में लगाया गया विभाग का स्टॉल निवेशकों, उद्यमियों और मछली पालकों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। उन्होंने बताया कि इस मंच का उद्देश्य निजी निवेश को बढ़ावा देना है, जिससे प्रदेश में मछली की उत्पादकता बढ़ सके और आधुनिक तकनीक के माध्यम से मत्स्य उत्पादों का प्रसंस्करण और विपणन बेहतर हो सके।
विभाग ने ट्रेड शो के दौरान निवेशकों के साथ विस्तृत चर्चा की और उन्हें प्रदेश में मौजूद निवेश की संभावनाओं, विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं को शुरू करने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं के बारे में जानकारी दी। अधिकारियों का मानना है कि इन प्रस्तावों के धरातल पर उतरने से न केवल मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि राज्य में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।