केंद्रीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक के गन्ना किसानों को उनकी मांगों पर चर्चा करने के लिए राजधानी दिल्ली आमंत्रित किया है। यह निमंत्रण हुबली में किसानों द्वारा प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन से पहले आया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्रीय मंत्री ने किसानों से अपील की कि वे प्रदर्शन करने के बजाय सरकार के साथ बातचीत का रास्ता अपनाएं। उन्होंने कहा कि किसान नेता दिल्ली आकर संबंधित अधिकारियों से मिल सकते हैं और अपनी मांगों को सीधे सरकार के सामने रख सकते हैं।
एफआरपी (FRP) पर सरकार का रुख
केंद्रीय मंत्री ने साफ किया कि केंद्र सरकार हर साल गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य में बढ़ोतरी कर रही है। उन्होंने याद दिलाया कि किसानों की मांग पर सरकार ने इस साल मई में एफआरपी को बढ़ाकर 365 रुपये कर दिया था। एफआरपी में और बढ़ोतरी की मांग पर जोशी ने कहा कि कोई भी निर्णय कृषि लागत और मूल्य आयोग की सिफारिशों और कर्नाटक के गन्ना आयुक्त की रिपोर्ट के आधार पर ही लिया जाएगा। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार वर्तमान सीजन के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करने की दिशा में काम करेगी और उनकी शिकायतों को सुनकर समाधान निकालने का प्रयास करेगी।
इस साल चीनी की कीमतों में आई तेजी के बाद देश के कई हिस्सों से आगामी पेराई सीजन के लिए गन्ने की कीमतो ंमें बढ़ोतरी की मांग उठी थी। भारत का गन्ना पेराई सीजन अक्तूबर महीने से शुरू होता है। इस बार प्रमुख उत्पादक राज्यों में कम बारिश की वजह से गन्ना उत्पादन को लेकर किसानों और मिलों को चिंता सता रही है।