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चाय नीलामी के नए प्लेटफॉर्म में खामियां सामने आईं : उद्योग ने लागू करने से पहले खामियां सुधारने की सलाह दी...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Tue, 29 Sep 2026 05:52 PM IST
सार

  • चाय उद्योग ने नए डिजिटल नीलामी प्लेटफॉर्म में सुधार की मांग की
  • मॉक ऑक्शन में सामने आई तकनीकी और परिचालन खामियां
  • 2025-26 चाय उद्योग के लिए चुनौतियों से भरा रहा। 
  • चाय उत्पादन 1.7 प्रतिशत घटा, निर्यात में 16% से अधिक की गिरावट दर्ज हुई

चाय निलामी के लिए स्मार्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू करने से पहले समस्याओं को हल करने का सुझाव।
चाय निलामी के लिए स्मार्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू करने से पहले समस्याओं को हल करने का सुझाव। - फोटो : ai
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विस्तार
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चाय निलामी के लिए आगामी स्मार्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म को पूरी तरह लागू करने से पहले कोचीन टी ट्रेड एसोसिएशन ने टी बोर्ड को तकनीकी और दूसरी समस्याओं को हल करने का सुझाव दिया है। 

एसोसिएशन का कहना है कि प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्रयोग के लिए आयोजित हुई नीलामी में कुछ कमिया आई हैं, जिन्हें ठीक करना जरूरी है। उनका सुझाव है कि ब्रोकरों, खरीदारों और विक्रेताओं को साथ लेकर प्लेटफॉर्म को परखने के लिए और ज्यादा नीलामी होनी चाहिए। इस तरह सिस्टम को असल परिस्थितियों में परखा जा सकेगा। एसोसिएशन का मानना है कि जब तक सभी हितधारक पूरी तरह संतुष्ट न हों, तब तक इसे लाइव नहीं किया जाना चाहिए।

युद्ध की वजह से निर्यात हुआ मुश्किल
एसोसिएशन के अनुसार, 2025-26 का वर्ष चाय उद्योग के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। बाजार में अनिश्चितता और कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पश्चिम एशिया में तनाव, समुद्री मार्ग में व्यवधान और माल ढुलाई समेत बीमा की बढ़ती लागत ने निर्यात को मुश्किल बना दिया है।

उत्पादन और निर्यात में गिरावट
रिपोर्ट के अनुसार, भारत में चाय उत्पादन और निर्यात दोनों ही प्रभावित हुए हैं। जनवरी से जुलाई 2026 के बीच देश में चाय का उत्पादन 1.7% घटा है, जबकि दक्षिण भारत में इसमें 4.4% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। इसी अवधि में चाय के निर्यात में 16% से अधिक की गिरावट आई है।

जोसेफ ने कहा कि ये आंकड़े जलवायु परिवर्तन से घटते उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारत की स्थिति को मजबूत करने की तात्कालिक आवश्यकता की ओर इशारा करते हैं। उद्योग को अब उत्पादकता, गुणवत्ता और लागत प्रतिस्पर्धात्मकता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।


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