राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश के प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश फल उत्पादन के मामले में पहले स्थान पर पहुंच गया है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, देश के कुल फल उत्पादन में अकेले उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 15.08 प्रतिशत है। इस सूची में 10.33 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ आंध्र प्रदेश दूसरे और 9.06 प्रतिशत के साथ तमिलनाडु तीसरे स्थान पर है।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय के सूचना अधिकारी रतन सिंह द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के दिशा-निर्देशों में खाद्य प्रसंस्करण विभाग राज्य में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।
2027 तक ग्रामीण उत्पादों को विदेशों में भेजने का लक्ष्य
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि प्रदेश में फल उत्पादन की इस मजबूत स्थिति का सीधा फायदा किसानों को देने के लिए इसे खाद्य प्रसंस्करण उद्योग से जोड़ा जा रहा है।
सरकारी बयान के अनुसार, फलों से बनने वाले विभिन्न खाद्य उत्पादों के निर्माण, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन (मार्केटिंग) को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि साल 2027 तक गांवों में तैयार होने वाले खाद्य पदार्थों को बड़ी मात्रा में विदेशों में निर्यात किया जाए। इससे न केवल स्थानीय फसलों को नया बाजार मिलेगा, बल्कि किसानों की आमदनी में भी बढ़ोतरी होगी।
ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार
उपमुख्यमंत्री के अनुसार, ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को छोटे और मध्यम स्तर के खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों से जोड़ना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। गांवों में ही ऐसे उद्योग लगने से स्थानीय स्तर पर पैदा होने वाले फलों और फसलों का सही उपयोग हो सकेगा और फसलें बर्बाद नहीं होंगी।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इससे महिलाएं और युवा अपने खुद के उद्यम स्थापित कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे और उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान मिलेगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य लक्ष्य गांवों को विकास की मुख्यधारा में लाना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना है। खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में मौजूद तमाम अवसरों को गांव-गांव और आम जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रयास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत-2047' के संकल्प को पूरा करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा और इसमें उत्तर प्रदेश एक प्रमुख भूमिका निभाएगा।