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Edible Oil: पाम तेल की मजबूत मांग से 11 महीनों में खाद्य तेल आयात बढ़ा, रिफाइंड पामोलिन की खरीद न के बराबर

गांव जंक्शन डेस्क, लखनऊ Published by: Devesh Saraswat Updated Fri, 16 Oct 2026 09:44 AM IST
सार

  • तेल वर्ष 2025-26 के पहले 11 महीनों में खाद्य तेल आयात 3.27% बढ़ा
  • पाम तेल का आयात बढ़कर 73.52 लाख टन पहुंचा
  • सोयाबीन तेल का आयात 3.25% बढ़ा, सूरजमुखी तेल का आयात घटा
  • रिफाइंड खाद्य तेल का आयात 16.89 लाख टन से घटकर 7.4 लाख टन हुआ
  • अर्जेंटीना भारत को खाद्य तेल भेजने वाला सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता रहा


 

पाम तेल की मजबूत मांग से 11 महीनों में खाद्य तेल आयात बढ़ा
पाम तेल की मजबूत मांग से 11 महीनों में खाद्य तेल आयात बढ़ा - फोटो : AI Image
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पाम तेल की मजबूत मांग के चलते तेल वर्ष 2025-26 के शुरुआती 11 महीनों में भारत के खाद्य तेल आयात में 3.27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया  द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर से सितंबर की अवधि के दौरान देश में कुल 151.64 लाख टन खाद्य तेल का आयात किया गया, जबकि बीते तेल वर्ष (2024-25) की समान अवधि में यह आंकड़ा 146.83 लाख टन था।

पाम और सोयाबीन तेल का आयात बढ़ा, सूरजमुखी तेल में गिरावट
आंकड़ों के मुताबिक, कुल पाम तेल (कच्चा पाम तेल और आरबीडी पामोलिन) के आयात में 5.32 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह पिछले साल के 69.8 लाख टन से बढ़कर इस बार 73.52 लाख टन पर पहुंच गया है।

इसी तरह, देश में सोयाबीन तेल का आयात भी 3.25 प्रतिशत बढ़ा है। बीते वर्ष नवंबर-सितंबर के दौरान जहां 50.13 लाख टन सोयाबीन तेल मंगाया गया था, वहीं इस साल यह बढ़कर 51.76 लाख टन हो गया। हालांकि, इस दौरान सूरजमुखी (सनफ्लावर) तेल के आयात में 1.9 प्रतिशत की मामूली गिरावट आई है और यह 26.75 लाख टन से घटकर 26.24 लाख टन रह गया है।

कच्चे तेल की खरीद बढ़ी, रिफाइंड तेल के आयात में तेज गिरावट
एसईए (SEA) के कार्यकारी निदेशक बी.वी. मेहता के अनुसार, चालू तेल वर्ष के पहले 11 महीनों में रिफाइंड खाद्य तेल के आयात में भारी गिरावट आई है। यह पिछले साल के 16.89 लाख टन से घटकर सिर्फ 7.4 लाख टन रह गया है। कुल खाद्य तेल आयात में रिफाइंड तेल की हिस्सेदारी पहले के 12 प्रतिशत से गिरकर अब केवल 5 प्रतिशत बची है। उन्होंने बताया कि ऐसा मुख्य रूप से इंडोनेशिया और मलेशिया से रिफाइंड पामोलिन का आयात न के बराबर होने की वजह से हुआ है।

इसके विपरीत, कच्चे खाद्य तेल (क्रूड ऑयल) का आयात 129.93 लाख टन से बढ़कर 144.23 लाख टन हो गया है। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि रिफाइंड तेल की जगह इस बार कच्चे पाम तेल का अधिक आयात किया गया।

नेपाल से रिफाइंड तेल का आयात जारी
बी.वी. मेहता ने जानकारी दी कि नेपाल से भारत में रिफाइंड तेल का आयात लगातार बड़े पैमाने पर जारी है। नवंबर-सितंबर 2025-26 के दौरान नेपाल ने भारत को 6.82 लाख टन रिफाइंड तेल भेजा। इसमें 6.05 लाख टन रिफाइंड सोयाबीन तेल, 37,734 टन रिफाइंड सूरजमुखी तेल, 31,633 टन आरबीडी पामोलिन और 7,189 टन तोरिया/सरसों (रेपसीड) तेल शामिल है।

उन्होंने बताया कि नेपाल मुख्य रूप से कच्चा सोयाबीन तेल और थोड़ी मात्रा में कच्चा सूरजमुखी व कच्चा पाम तेल बाहर से आयात करता है और उसे अपने यहां रिफाइन (साफ) करके भारत को निर्यात करता है। साफ्टा (SAFTA) समझौते के तहत नेपाल को भारत में तेल भेजने पर कोई आयात शुल्क (ड्यूटी) नहीं देना पड़ता है।

अर्जेंटीना रहा सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता
भारत को खाद्य तेल भेजने वाले प्रमुख देशों में अर्जेंटीना सबसे आगे रहा। अर्जेंटीना से कुल 34.43 लाख टन खाद्य तेल का आयात हुआ, जिसमें 27.14 लाख टन कच्चा सोयाबीन तेल और 7.29 लाख टन सूरजमुखी तेल शामिल था।

इसके अलावा, भारत ने मलेशिया से 29.76 लाख टन और इंडोनेशिया से 29.05 लाख टन पाम तेल खरीदा। वहीं, रूस ने भारत को कुल 12.89 लाख टन खाद्य तेल का निर्यात किया, जिसमें 11.76 लाख टन कच्चा सूरजमुखी तेल और 1.12 लाख टन कच्चा सोयाबीन तेल शामिल था।


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