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UP: किसानों के लिए खुशखबरी, हर 200 क्विंटल आलू के भंडारण पर 20 हजार रुपये की सब्सिडी देगी सरकार, जानें...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sat, 17 Oct 2026 07:14 PM IST
सार

  • बस्ती के 300 पंजीकृत किसानों ने कोल्ड स्टोरेज में रखा 31 हजार क्विंटल आलू।
  • हर 200 क्विंटल आलू के भंडारण पर 20 हजार रुपये अनुदान का प्रावधान।
  • आलू की मौजूदा बाजार कीमतों में उतार-चढ़ाव नहीं।
  • बुवाई के समय कीमतें बढ़ने की किसानों को उम्मीद।
  • भंडारण खर्च कम करने और बेहतर दाम पाने में मदद देने का उद्देश्य।
     

बस्ती के आलू किसानों के लिए बड़ी खबर।
बस्ती के आलू किसानों के लिए बड़ी खबर। - फोटो : AI Image
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विस्तार
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बस्ती के 300 पंजीकृत आलू किसानों ने अपनी उपज सुयश कोल्ड स्टोरेज, मनौरी में रखी है। यहां किसानों का कुल 31 हजार क्विंटल आलू भंडारित है। जानकारी के अनुसार, बाजार में फिलहाल आलू की कीमतों में कोई उतार-चढ़ाव नहीं आया है। आलू की बुवाई के समय कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में किसानों को उम्मीद है कि उन्हें अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।

आलू के भंडारण पर 20 हजार रुपये देगी सरकार
आलू किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य सरकार और कृषि विभाग की ओर से विशेष अनुदान योजना संचालित की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, निर्धारित मानकों के अनुसार शीतगृह में आलू का भंडारण करने वाले किसानों को इस योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाएगी। प्रावधानों के अनुसार, हर 200 क्विंटल आलू के भंडारण पर 20 हजार रुपये अनुदान देने की व्यवस्था है। इस सहायता का उद्देश्य किसानों पर भंडारण का खर्च कम करना और उन्हें बाजार की स्थिति के अनुसार अपनी उपज बेचने का अवसर देना है।

कीमतें स्थिर रहने से किसानों को बेहतर दाम की उम्मीद
आमतौर पर फसल की कटाई के बाद बाजार में आलू की आवक बढ़ने पर कीमतों में गिरावट आ सकती है। ऐसी स्थिति में किसानों को अपनी उपज कम दाम पर बेचनी पड़ सकती है। हालांकि, इस बार बस्ती में आलू के भंडारण के बावजूद बाजार में कीमतें स्थिर बनी हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, आलू की कीमतों में गिरावट नहीं आने से किसानों को आगे बेहतर दाम मिलने की संभावना है। किसानों को उम्मीद है कि बुवाई के समय बाजार में कीमतें बढ़ने पर वे अपनी उपज बेचकर उचित मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।


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