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Red Chilli: आंध्र प्रदेश का गुंटूर है भारत की चिली कैपिटल, यहीं से तय होते हैं लाल मिर्च के वैश्विक दाम...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sat, 17 Oct 2026 07:49 PM IST
सार

दक्षिण भारत का गुंटूर शहर अपनी खास और तीखी लाल मिर्च के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है। यहां की 50 एकड़ में फैली मंडी एशिया का सबसे बड़ा सूखी लाल मिर्च का बाजार है, जहां से भारत सरकार द्वारा प्रमाणित खास किस्म की मिर्च का निर्यात होता है।

लाल मिर्च बाजार की दिशा तय करता आंध्र प्रदेश का गुंटूर शहर।
लाल मिर्च बाजार की दिशा तय करता आंध्र प्रदेश का गुंटूर शहर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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चटपटा और मसालेदार खाना पसंद करने वालों की थाली में लाल मिर्च का होना आम बात है। बाजार से जो लाल मिर्च हम आसानी से खरीद लाते हैं, उसका एक बड़ा हिस्सा आंध्र प्रदेश के गुंटूर शहर से आता है। इस शहर को 'चिली कैपिटल ऑफ इंडिया' (भारत की मिर्च की राजधानी) कहा जाता है। यहां पैदा होने वाली बेहद खास और स्वादिष्ट किस्म की तीखी मिर्च न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया में निर्यात की जाती है। देश से लेकर विदेशों तक पहुंचने वाली इस मिर्च का भारत की अर्थव्यवस्था में भी एक बड़ा योगदान है।

50 एकड़ में फैली है एशिया की सबसे बड़ी मिर्च मंडी
गुंटूर शहर में 'गुंटूर मिर्ची यार्ड' के नाम से एक विशाल मंडी स्थित है। यह मंडी 50 एकड़ से भी ज्यादा क्षेत्र में फैली हुई है और इसे सूखी लाल मिर्च का एशिया का सबसे बड़ा बाजार माना जाता है। इसी स्थान से देश और दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में लाल मिर्च की सप्लाई की जाती है। इस मंडी की अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाल मिर्च की कीमतें यहीं से तय की जाती हैं।

काली कपास मिट्टी से मिलते हैं भरपूर पोषक तत्व
गुंटूर की तीखी मिर्च सिर्फ स्वाद के लिए ही नहीं, बल्कि अपने पोषक तत्वों के लिए भी जानी जाती है। इसमें कैप्साइसिन के साथ-साथ आयरन, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे जरूरी खनिज भी मौजूद होते हैं। मिर्च में कैप्साइसिन की मात्रा ज्यादा होने के कारण ही इसका तीखापन बहुत तेज होता है। इस खास मिर्च में इतने पोषक तत्व पाए जाने की सबसे बड़ी वजह यहां की 'काली कपास मिट्टी' है, जो इसकी फसल के लिए बेहद उपयुक्त मानी जाती है।

'गुंटूर सन्नम' और 'S4' नाम से मशहूर है यह खास किस्म
गुंटूर की लाल मिर्च की सबसे खास किस्म को 'गुंटूर सन्नम' कहा जाता है। स्थानीय तेलुगु भाषा में 'सन्नम' शब्द का मतलब 'पतला' या 'लंबा' होता है। जब इस मिर्च का दूसरे देशों में निर्यात किया जाता है, तो व्यापारिक भाषा में इसे 'S4' ग्रेड (ट्रेड ग्रेड नाम) के नाम से जाना जाता है। इसकी गुणवत्ता और विशेष पहचान को देखते हुए भारत सरकार की तरफ से इस लाल मिर्च को भौगोलिक संकेत यानी जीआई (GI) टैग भी दिया गया है।


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