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Farmer Safety: कीटनाशकों के जहर से बचाने के लिए ₹4,000 का किसान कवच सामने आया, 2-3 साल तक कर सकेंगे उपयोग...

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Devesh Saraswat Updated Sat, 17 Oct 2026 06:47 PM IST
सार

  • एक अध्ययन के अनुसार, कीटनाशकों का जहर हर साल 6 हजार से ज्यादा किसानों की मौत का कारण बनता है
  • कीटनाशकों से सुरक्षा के लिए 4,000 रुपये का 'किसान कवच' सूट तैयार।
  • सांस लेने योग्य कपड़े से बना है यह सूट।
  • दो से तीन साल तक दोबारा इस्तेमाल करने का दावा।

एक अध्ययन के अनुसार, कीटनाशकों का जहर हर साल 6 हजार से ज्यादा किसानों की मौत का कारण बनता है।
एक अध्ययन के अनुसार, कीटनाशकों का जहर हर साल 6 हजार से ज्यादा किसानों की मौत का कारण बनता है। - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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एक अध्ययन का दावा है कि हर साल कीटनाशकों का जहर 6 हजार से ज्यादा किसानों की मौत का कारण बनता है। बेंगलुरु स्थित इंस्टीट्यूट फॉर स्टेम सेल साइंस एंड रीजनरेटिव मेडिसिन के डीन ऑफ रिसर्च प्रो. प्रवीण कुमार वेमुला की प्रयोगशाला में चार हजार रुपये की कीमत वाला किसान कवच तैयार किया गया है। कीटनाशकों के छिड़काव के दौरान यह कवच किसानों को जहरीले रसायनों के संपर्क में आने से बचा सकता है।

3 साल तक किसानों के काम आएगा
 किसान कवच सूट सांस लेने योग्य और दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले कपड़े से बना है। इसे दो से तीन साल तक इस्तेमाल किया जा सकता है।  वेमुला आठ स्टार्टअप के सह-संस्थापक और निदेशक हैं। इनमें SEPIO Health कीटनाशकों से सुरक्षा पर काम करती है, जबकि Capture Bio रक्त की उपयोग अवधि बढ़ाने से जुड़ी तकनीक विकसित करती है। वहीं, Color Threads रोगाणुरोधी और वायरसरोधी कपड़े तैयार करती है।

मोहाली में आयोजित सेमिनार में साझा कीं तकनीकें
मोहाली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ नैनो साइंस एंड टेक्नोलॉजी (INST) में प्रो. वेमुला के विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें उन्होंने अपने शोध और ऐसी तकनीकों के विकास के अनुभव साझा किए, जिनका इस्तेमाल कृषि और चिकित्सा संबंधी जरूरतों को पूरा करने में किया जा सकता है। सेमिनार के दौरान शिक्षकों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों ने सवाल-जवाब सत्र में हिस्सा लिया। चर्चा में बौद्धिक संपदा अधिकार, प्रयोगशाला में विकसित तकनीकों को चिकित्सा क्षेत्र में उपयोग के लायक बनाने और उन्हें बाजार तक पहुंचाने के लिए जरूरी नियामकीय प्रक्रियाओं जैसे विषय शामिल रहे।


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