उत्तर प्रदेश की करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें अब तकनीक आधारित नियोजन के जरिए गांवों के विकास की रूपरेखा तैयार करेंगी। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने ग्राम पंचायत स्तर पर साक्ष्य आधारित और सैचुरेशन आधारित योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ने की पहल की है। इसके तहत अधिकारियों और कर्मचारियों को संबंधित सॉफ्टवेयर और पोर्टल के इस्तेमाल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्राम पंचायतों में विकास योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।
ग्राम्य विकास आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने इस संबंध में प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। इसमें वीबी-जी राम जी के तहत उपलब्ध सॉफ्टवेयर का उपयोग बढ़ाने और तकनीक आधारित नियोजन को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह प्रशिक्षण राज्य मुख्यालय से लेकर विकास खंड और ग्राम पंचायत स्तर तक आयोजित किया जाएगा।
वीजीपीपी पोर्टल से तैयार होंगी गांवों की विकास योजनाएं
ग्राम पंचायतों में साक्ष्य आधारित और सैचुरेशन आधारित नियोजन के लिए वीजीपीपी (विकसित ग्राम पंचायत योजना) पोर्टल तैयार किया गया है। इसके माध्यम से ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएं तकनीक आधारित तरीके से तैयार की जाएंगी। प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों को पोर्टल के इस्तेमाल, उसकी सुरक्षा और विकास योजनाएं तैयार करने की प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी।
विभाग की इस पहल में विकास योजनाएं तैयार करते समय उपलब्ध साक्ष्यों और गांवों की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया है। साथ ही वीबी-जी राम जी के तहत संबंधित सॉफ्टवेयर का उपयोग बढ़ाकर ग्रामीण विकास की योजनाओं को अधिक जनोपयोगी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
दो चरणों में होगा अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो चरणों में आयोजित किया जाएगा। पहले चरण में राज्य मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद आगामी एक सप्ताह के भीतर विकास खंड और ग्राम पंचायत स्तर के सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
इसके लिए सभी जिलों की ग्राम पंचायतें अपने-अपने विकास खंडों से वर्चुअल माध्यम से जुड़ेंगी। इससे पंचायत स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को पोर्टल और सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। प्रशिक्षण के जरिए योजना के क्रियान्वयन से जुड़े कार्मिकों की तकनीकी क्षमता विकसित करने पर जोर रहेगा।
प्रशिक्षण की जानकारी राज्य मुख्यालय को भेजेंगे जिले
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सभी जिलों को इससे संबंधित रिपोर्ट राज्य मुख्यालय भेजनी होगी। इसमें प्रशिक्षण की समय-सारणी, कार्यक्रम के फोटोग्राफ, सुझाव और अन्य जरूरी जानकारियां शामिल होंगी। इन जानकारियों को जनपद मुख्यालय स्तर पर एकत्र कर राज्य मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा।
रिफॉर्म उत्सव के तहत आयोजित होगा कार्यक्रम
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रमुख सुधारों के प्रचार-प्रसार और उनके प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अक्टूबर में 'रिफॉर्म उत्सव' आयोजित किया था। इसके तहत राज्यों को क्षमता निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत स्तर पर प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम भी इसी पहल के तहत आयोजित किया जा रहा है।