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ट्रैक्टर बाजार में तेजी : सितंबर में बिक्री 13.7% बढ़ी, अक्टूबर में त्योहारों से बढ़ेगी मांग

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sat, 17 Oct 2026 08:53 AM IST
सार

  • सितंबर में 76,906 ट्रैक्टर बिके: पिछले साल इसी महीने 67,612 इकाइयों की बिक्री हुई थी।

  • सालाना बिक्री में 13.7% की बढ़ोतरी: हालांकि अगस्त 2026 के मुकाबले सितंबर में बिक्री 12.6% घट गई।

  • महिंद्रा और स्वराज की करीब 42% हिस्सेदारी: दोनों ब्रांड मिलकर ट्रैक्टर बाजार में मजबूत स्थिति रखते हैं।

  • इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स की सबसे ज्यादा वृद्धि: कंपनी ने सितंबर में सालाना आधार पर 27.1% की बढ़ोतरी दर्ज की।

ट्रैक्टर बिक्री
ट्रैक्टर बिक्री - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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देश में ट्रैक्टरों की खुदरा बिक्री सितंबर 2026 में सालाना आधार पर 13.7 फीसदी बढ़कर 76,906 इकाई पर पहुंच गई। पिछले साल सितंबर में 67,612 ट्रैक्टर बिके थे। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, हालांकि अगस्त 2026 के मुकाबले सितंबर में ट्रैक्टरों की बिक्री 12.6 फीसदी घट गई।

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले साल सितंबर में जीएसटी दरों में कटौती की उम्मीद में कई ग्राहकों ने ट्रैक्टर खरीदने का फैसला टाल दिया था। इससे उस महीने बिक्री का आधार कम रहा। इसलिए इस साल की सालाना बढ़ोतरी को सावधानी से समझने की जरूरत है। इसके अलावा, इस बार त्योहारों का प्रमुख दौर अक्टूबर में होने और मानसून की स्थिति में उतार-चढ़ाव का असर भी सितंबर की बिक्री पर पड़ा।

महिंद्रा और स्वराज की बाजार में करीब 42% हिस्सेदारी
FADA के आंकड़ों के मुताबिक, महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M) और उसके स्वराज ब्रांड की संयुक्त रूप से ट्रैक्टर बाजार में करीब 42 फीसदी हिस्सेदारी है। सितंबर में ज्यादातर प्रमुख ट्रैक्टर कंपनियों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले बढ़ोतरी दर्ज की गई।

इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स लिमिटेड ने सालाना आधार पर सबसे ज्यादा 27.1 फीसदी की वृद्धि दर्ज की। हालांकि, कंपनियों की बिक्री में आगे होने वाला बदलाव त्योहारों की मांग, फसल कटाई और ग्रामीण बाजार में नकदी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

त्योहारों के कारण अक्टूबर में बढ़ सकती है मांग
क्रिसिल रेटिंग्स की निदेशक पूनम उपाध्याय के अनुसार, सितंबर में ट्रैक्टरों की बिक्री में महीने-दर-महीने आई गिरावट को मांग में कमजोरी के बजाय खरीदारी के समय में बदलाव के रूप में देखना चाहिए।उन्होंने कहा कि ट्रैक्टरों की बिक्री का 80 फीसदी से अधिक हिस्सा ग्रामीण बाजारों से आता है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अक्सर शुभ मुहूर्त, त्योहारों और फसल कटाई के बाद मिलने वाली रकम को ध्यान में रखकर ट्रैक्टर खरीदते हैं। इस साल त्योहारों का प्रमुख दौर अक्टूबर में होने के कारण कुछ ग्राहकों ने सितंबर की खरीदारी टाल दी।

फसल कटाई और ग्रामीण आमदनी से मिलेगी सहारा
एस्कॉर्ट्स कुबोटा के कृषि मशीनरी कारोबार के मुताबिक, आने वाले समय में त्योहारों की मांग, फसल कटाई और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी की उपलब्धता बेहतर होने से ट्रैक्टर बाजार को सहारा मिल सकता है।हालांकि, पिछले साल के बिक्री आंकड़ों का ऊंचा आधार आने वाले महीनों में वृद्धि की रफ्तार को सीमित कर सकता है। ऐसे में ट्रैक्टर कंपनियों की बिक्री पर त्योहारों के साथ-साथ खेती-किसानी की गतिविधियों और ग्रामीण ग्राहकों की खरीद क्षमता का असर बना रहेगा।
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