चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय की सरसों की पहली हाइब्रिड किस्म आरएचएच 2101 (RHH 2101) के बीजों के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए एक अहम कदम उठाया गया है। विश्वविद्यालय ने इसके लिए हिसार की शक्ति वर्धक हाईब्रिड सीड्स प्राइवेट लिमिटेड संग एक समझौता पक्का किया है। इस समझौते की मदद से विश्वविद्यालय अपनी इस हाइब्रिड किस्म का बड़े पैमान पर उत्पादन तय करना चाहता है।
142 दिन में फसल पककर तैयार
जानकारी के अनुसार, आरएचएच 2101 किस्म बुवाई के लगभग 142 दिनों में पककर पूरी तरह तैयार हो जाती है। इसकी पैदावार क्षमता काफी बेहतर है, जिससे किसान 28 से 30 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की उपज प्राप्त कर सकते हैं।
अधिक उत्पादन और 40% तेल की मात्रा
जानकारी के अनुसार, इस किस्म के पौधों में शाखाओं की संख्या अधिक होती है। साथ ही, प्रति फली दानों की संख्या भी अपेक्षाकृत अधिक होती है, जिससे इसकी कुल उत्पादन क्षमता बढ़ जाती है। इस किस्म के दाने मध्यम आकार के होते हैं और इनमें लगभग 40 प्रतिशत तक तेल की मात्रा पाई जाती है। इस समझौते के बाद अब किसानों को उन्नत किस्म के बीज आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।