तेलंगाना सरकार ने खरीफ विपणन सत्र 2026-27 के लिए अधिकारियों को कपास खरीद केंद्र खोलने के निर्देश जारी किए हैं। अन्य प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों और तेलंगाना के बीच कीमतों के अंतर को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित किया जा सके।
सरकार के अनुसार, कृषि एवं विपणन मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने गुरुवार को सचिवालय में खरीद तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने समय पर खरीद, किसानों को त्वरित भुगतान और विपणन विभाग तथा भारतीय कपास निगम (सीसीआई) के बीच मजबूत समन्वय बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, स्थानीय मांग बढ़ाने और किसानों को बेहतर मुनाफा दिलाने के लिए कपास प्रसंस्करण, कताई (स्पिनिंग) और तेल उद्योगों के विस्तार के प्रस्ताव भी मांगे गए हैं।
खुले बाजार और एमएसपी में से चुनने की छूट
केंद्र सरकार ने चालू सत्र के लिए कपास का एमएसपी 8,667 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है। वहीं, सरकार के अनुसार राज्य में कम उत्पादन और भारी मांग के चलते मौजूदा मॉडल बाजार मूल्य लगभग 9,000 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है।
किसानों के पास यह विकल्प रहेगा कि यदि खुले बाजार में कीमतें एमएसपी से अधिक हैं, तो वे अपनी उपज बाजार में बेच सकते हैं। वहीं, यदि बाजार में कीमतें एमएसपी से नीचे गिरती हैं, तो किसान सीसीआई के खरीद केंद्रों पर जाकर एमएसपी पर बिक्री कर सकते हैं।
48.20 लाख एकड़ में खेती, 335 मिलों में होगी खरीद
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, तेलंगाना में इस सीजन 48.20 लाख एकड़ में कपास की खेती हुई है, जिससे 29.43 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का अनुमान है। सीसीआई ने किसानों की सुविधा के लिए अपने खरीद केंद्रों की संख्या 122 से बढ़ाकर 133 कर दी है। इसके अलावा, राज्य की 356 जिनिंग मिलों में से 30 जिलों की 335 मिलों को खरीद केंद्र के तौर पर अधिसूचित किया गया है।
खरीद केंद्रों पर गुणवत्ता जांच, भंडारण, परिवहन और किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बाजार भाव और खरीद प्रक्रिया की निगरानी राज्य और जिला स्तर पर बनी समितियां करेंगी।
कपास किसान ऐप और हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए डिजिटल सत्यापन और ऑनलाइन भुगतान प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, 21 अक्टूबर तक 12.75 लाख किसानों का विवरण 'कपास किसान' ऐप से जोड़ा जा चुका है।
किसानों की शिकायतों के निपटारे के लिए मार्केट यार्डों में हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। खरीद और भुगतान से जुड़ी जानकारी के लिए किसान विपणन विभाग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-599-5779 और व्हाट्सएप नंबर 8897281111 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही, किसानों को सलाह दी गई है कि वे सीसीआई के तय मानकों के अनुसार कपास की गुणवत्ता और नमी की जांच करने के बाद ही अपनी उपज खरीद केंद्रों पर लाएं।