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तेलंगाना : धान की फसल बचाने के लिए सड़क पर उतरे किसान, 30 नवंबर तक कडेम बांध से पानी देने की मांग

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Thu, 05 Nov 2026 04:58 PM IST
सार

तेलंगाना में किसानों ने 30 नवंबर तक कडेम बांध से सिंचाई के लिए पानी देने की मांग की है। 7 नवंबर से पानी बंद करने के फैसले के खिलाफ किसानों ने प्रदर्शन किया।

धान की फसल
धान की फसल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तेलंगाना के मंचेरियल जिले में कडेम बांध से सिंचाई के लिए पानी देने की मांग को लेकर किसानों ने प्रदर्शन किया। जन्नारम मंडल के तिम्मापुर गांव में रामपुर और तिम्मापुर के किसानों ने सड़क जाम कर अपना विरोध जताया। किसानों की मांग है कि बांध से कम से कम 30 नवंबर तक खेतों के लिए पानी की आपूर्ति जारी रखी जाए।

किसानों का कहना है कि बांध के आखिरी छोर पर स्थित खेतों में धान और दूसरी फसलें इस समय बालियां निकलने की शुरुआती अवस्था (बूटिंग स्टेज) में हैं। इस दौरान पानी नहीं मिला तो फसलें सूख सकती हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

पानी नहीं मिला तो फसल बर्बाद होने का डर
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने कहा कि इस समय फसलों को पानी की सबसे ज्यादा जरूरत है। अगर 7 नवंबर से सिंचाई के लिए पानी बंद कर दिया गया तो आखिरी छोर के खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाएगा। किसानों ने चिंता जताई कि फसल खराब होने पर वे खेती के लिए लिए गए कर्ज को भी नहीं चुका पाएंगे। इससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से पानी बंद करने के फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की है। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग नहीं मानी गई तो वे सरकार के खिलाफ आंदोलन और तेज करेंगे।

चितागुड़ा के किसानों ने भी किया प्रदर्शन
इससे पहले बुधवार को चितागुड़ा गांव के किसानों ने भी कडेम बांध से सिंचाई के लिए पानी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। उन्होंने कहा कि खेतों के आखिरी छोर तक पानी नहीं पहुंचने से बूटिंग स्टेज में खड़ी फसलें सूखने का खतरा है। किसानों ने बाद में सिंचाई विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर 5 दिसंबर तक पानी की आपूर्ति जारी रखने की मांग की।

7 नवंबर से सिंचाई के लिए पानी बंद करने का फैसला
सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने 3 नवंबर को फैसला लिया था कि 7 नवंबर से कडेम नारायण रेड्डी परियोजना और कडेम बांध से खेती के लिए पानी नहीं दिया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, आने वाली गर्मियों में पीने के पानी की जरूरत को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। इसके अलावा अल नीनो के संभावित प्रभाव को भी ध्यान में रखा गया है।

कडेम परियोजना की कुल जल भंडारण क्षमता 3.495 टीएमसी है। फिलहाल बांध में जलस्तर 693.635 फीट यानी करीब 211.3 टीएमसी दर्ज किया गया है। किसानों की मांग और गर्मियों के लिए पेयजल सुरक्षित रखने की जरूरत के बीच अब सिंचाई के पानी को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है।
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