तेलंगाना के किसानों पर दोहरी मार : 275 करोड़ का मुआवजा अटका, इस बार फिर बर्बाद हुई फसलें
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Thu, 05 Nov 2026 03:57 PM IST
सार
तेलंगाना के किसानों को पिछले साल बारिश से हुए फसल नुकसान के 275 करोड़ रुपये अब तक नहीं मिले हैं। इस साल भी कई जिलों में फसलें बर्बाद होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
तेलंगाना के किसान इस समय दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ उन्हें पिछले साल बारिश से बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिला है, वहीं दूसरी तरफ इस साल भी बारिश और अन्य कारणों से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा है। किसानों को डर है कि जब पिछले साल का मुआवजा ही नहीं मिला तो इस बार नुकसान की भरपाई कैसे होगी।
पिछले साल मार्च-अप्रैल, अगस्त-सितंबर और अक्टूबर में हुई भारी बारिश से राज्य के कई जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा था। इसके बाद राज्य सरकार ने किसानों को इनपुट सब्सिडी देने की मंजूरी दी थी। यह सहायता किसानों को फसल दोबारा लगाने और नुकसान से उबरने में मदद करने के लिए दी जानी थी।
तीन चरणों में 275 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर
सरकार ने पिछले साल बारिश से हुए फसल नुकसान के लिए अलग-अलग चरणों में करीब 275 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की थी।
मार्च 2025: 21 से 25 मार्च के बीच भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिए 8 करोड़ रुपये मंजूर किए गए।
अप्रैल-मई 2025: 16 से 27 अप्रैल के बीच फसल नुकसान के लिए मई में 28 करोड़ रुपये की इनपुट सब्सिडी मंजूर हुई।
अगस्त-सितंबर 2025: इस दौरान भारी बारिश से फसलों को हुए नुकसान के लिए 109 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई।
अक्टूबर 2025: 28 से 31 अक्टूबर के बीच बारिश से कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान के लिए 27 जिलों में 122 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी दी गई।
इस तरह सरकार ने कुल करीब 275 करोड़ रुपये की सहायता देने का भरोसा दिया था। लेकिन किसानों तक यह राशि अब तक नहीं पहुंची है।
इस साल भी कई जिलों में फसलें बर्बाद
पिछले साल के मुआवजे का इंतजार कर रहे किसानों को इस साल भी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। पुराने महबूबनगर और नलगोंडा जिलों के कई इलाकों में फसलें सूखने से किसानों को नुकसान हुआ है। जोगुलांबा गडवाल समेत कुछ क्षेत्रों में परेशान किसानों ने अपनी धान की फसल तक जला दी।
इसी तरह पुराने खम्मम जिले और आसपास के अश्वरावपेटा, सत्तुपल्ली और मुलकलपल्ली जैसे इलाकों में भी धान, कपास और मिर्च की खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की खबर है। कई जगहों पर कटाई के बाद खेतों में रखी फसल भी बारिश में भीग गई।
किसानों को इस बार भी मुआवजा मिलने की चिंता
रायथु स्वराज्य वेदिका के संयोजक बी. कोंडल रेड्डी के अनुसार, पिछले साल फसल नुकसान के लिए सरकार ने करीब 275 करोड़ रुपये की सहायता का भरोसा दिया था, लेकिन एक साल से अधिक समय बीतने के बाद भी किसानों को पैसा नहीं मिला है।
उन्होंने कहा कि सरकारी मदद नहीं मिलने से किसान पुराने नुकसान से उबर नहीं पाए हैं। ऐसे में इस साल फिर फसलें खराब होने से उनकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है। किसानों को अब चिंता है कि चालू वनाकलम सीजन में हुए नुकसान का मुआवजा भी समय पर मिलेगा या नहीं।
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