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Tamil Nadu Maize Price Expected 2700 Per Quintal Arrivals From Bihar Will Determine Future Prices
तमिलनाडु : मक्का का भाव ₹2700 क्विंटल रहने का अनुमान, बिहार से आवक तय करेगी आगे की कीमत
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Thu, 29 Oct 2026 02:49 PM IST
सार
तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय ने मक्का की कटाई के समय ₹2,700 प्रति क्विंटल भाव मिलने का अनुमान जताया है। जानें बिहार से आवक, मानसून और मक्का की मांग का कीमतों पर क्या असर पड़ सकता है।
तमिलनाडु में मक्का की कटाई के सीजन में किसानों को औसतन 2,700 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलने का अनुमान है। तमिलनाडु कृषि विश्वविद्यालय (TNAU) ने फसल की कटाई से पहले किए गए बाजार आकलन में यह अनुमान जताया है। हालांकि, आगे मक्का की कीमतों में कितना बदलाव होगा, यह दूसरे राज्यों से आने वाली फसल और बाजार में मांग पर निर्भर करेगा।
विश्वविद्यालय के कृषि अर्थशास्त्र विभाग के तहत काम करने वाले घरेलू एवं निर्यात बाजार खुफिया केंद्र (DEMIC) ने पिछले 15 वर्षों के दौरान उडुमलपेट बाजार में मक्का की कीमतों का विश्लेषण किया। इसके साथ ही बाजार का सर्वे भी किया गया। इसी आधार पर कटाई के समय किसानों को खेत स्तर पर करीब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल भाव मिलने का अनुमान लगाया गया है। विश्वविद्यालय ने किसानों को सलाह दी है कि वे बाजार में मक्का की आवक और मौजूदा कीमतों को देखते हुए अपनी उपज बेचने का फैसला करें।
बिहार से मक्का की आवक पर रहेगी नजर
तमिलनाडु में मक्का की कीमतें काफी हद तक दूसरे राज्यों से आने वाली फसल पर निर्भर करती हैं। बिहार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से मक्का की आपूर्ति होती है। इनमें बिहार से आने वाली फसल का बाजार भाव पर खास असर पड़ सकता है। यदि दूसरे राज्यों से मक्का की आवक बढ़ती है, तो बाजार में उपलब्धता बढ़ने से कीमतों पर दबाव आ सकता है। वहीं, आपूर्ति कम रहने पर भाव को सहारा मिल सकता है।
बारिश की कमी से मक्का उत्पादन पर असर की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिणी प्रायद्वीपीय क्षेत्र में उत्तर-पूर्वी मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जताया है। बारिश की कमी से तमिलनाडु में मक्का की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है। इसका असर बाजार की कीमतों पर भी पड़ सकता है।
तमिलनाडु में करीब 5.4 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मक्का की खेती होती है और राज्य का उत्पादन लगभग 33 लाख टन है। सलेम, नमक्कल, पेरम्बलूर, अरियालुर, विल्लुपुरम और तिरुप्पुर राज्य के प्रमुख मक्का उत्पादक जिलों में शामिल हैं।
पशु आहार और उद्योगों में बढ़ रही मक्का की मांग
मक्का का इस्तेमाल अब सिर्फ खाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई उद्योगों में भी बढ़ रहा है। पशु आहार, इथेनॉल मिश्रण के लिए ईंधन उत्पादन और स्टार्च बनाने वाले उद्योगों में इसकी मांग बनी हुई है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के तीसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक, भारत में 2025-26 के दौरान 144.08 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में 550.93 लाख टन मक्का उत्पादन का अनुमान है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और आंध्र प्रदेश प्रमुख मक्का उत्पादक राज्यों में शामिल हैं।
हालांकि, मानसून की कमजोर बारिश से खरीफ में मक्का की बुवाई का क्षेत्र प्रभावित होने की आशंका है। अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने भी भारत में सामान्य से कम बारिश के कारण मक्का के रकबे और पैदावार पर असर पड़ने की बात कही है।
किसानों के लिए क्या है सलाह?
इस बार तमिलनाडु में मक्का का भाव करीब 2,700 रुपये प्रति क्विंटल रहने का अनुमान है, लेकिन यह निश्चित कीमत नहीं है। बाजार में दूसरे राज्यों से आने वाली फसल, बारिश की स्थिति और औद्योगिक मांग के अनुसार भाव बदल सकते हैं। किसानों को उपज बेचने से पहले स्थानीय मंडियों के भाव, मक्का की आवक और खरीदारों की मांग पर नजर रखनी चाहिए। इससे उन्हें बिक्री का सही समय चुनने में मदद मिल सकती है।
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