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तमिलनाडु : धान की फसल बचाने के लिए 9000 क्यूसेक पानी की मांग, किसानों का सड़क रोको आंदोलन

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 21 Oct 2026 05:39 PM IST
सार

  • किसानों ने विधानसभा चुनाव से पहले फसल ऋण पूरी तरह माफ करने का वादा पूरा करने की मांग उठाई।

  • सांबा धान की फसल बचाने के लिए 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की गई।

  • तिरुवेरुम्बुर, लालगुडी और मनाप्पराई में प्रदर्शन के दौरान 170 लोग गिरफ्तार हुए।

  • तीन स्थानों पर सड़क रोको आंदोलन के बाद पुलिस ने 119 किसानों को गिरफ्तार किया।

धान की फसल
धान की फसल - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तमिलनाडु में फसल ऋण माफी और धान की फसल बचाने के लिए कावेरी नदी से पानी छोड़ने की मांग को लेकर किसानों ने बुधवार को सड़क रोको आंदोलन किया। मध्य क्षेत्र के तिरुचि समेत कई जिलों में वामपंथी दलों से जुड़े किसानों ने प्रदर्शन किया। किसानों ने विधानसभा चुनाव से पहले तमिलगा वेट्री कजगम (टीवीके) की ओर से किए गए फसल ऋण पूरी तरह माफ करने के वादे को पूरा करने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने सांबा धान की फसल को बचाने के लिए कावेरी नदी से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने और आजीविका गंवा चुके परिवारों को राहत देने की अपील की।

तिरुचि में 170 लोग गिरफ्तार
तिरुचि जिले के तिरुवेरुम्बुर, लालगुडी और मनाप्पराई में किसानों ने सड़क रोको आंदोलन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने 170 लोगों को गिरफ्तार किया।किसानों के इस आंदोलन से इलाके में यातायात प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारियों ने फसल ऋण माफी की मांग उठाते हुए राज्य सरकार से किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने की अपील की।

पुदुकोट्टई में 119 किसानों की गिरफ्तारी
पड़ोसी पुदुकोट्टई जिले में भी किसानों ने प्रदर्शन किया। यहां पुदुकोट्टई, गंधर्वकोट्टई और अलंगुडी में सड़क रोको आंदोलन आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस ने 119 किसानों को गिरफ्तार किया।

सांबा धान की फसल बचाने के लिए पानी की मांग
प्रदर्शनकारी किसानों ने कावेरी नदी से 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ने की मांग की। उनका कहना है कि सांबा धान की फसल को बचाने के लिए पर्याप्त पानी जरूरी है। इसके साथ ही किसानों ने उन परिवारों के लिए राहत की मांग की, जिनकी आजीविका प्रभावित हुई है। किसानों की प्रमुख मांगों में फसल ऋण की पूर्ण माफी, धान की फसल के लिए पर्याप्त सिंचाई पानी और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता देना शामिल है।
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