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कर्नाटक : गन्ना किसानों की मांगों पर राज्य सरकार सक्रिय, चीनी मिल मालिकों के साथ बातचीत की तैयारी

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Wed, 21 Oct 2026 04:36 PM IST
सार

  • कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने दशहरे के बाद गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों के साथ बैठक का भरोसा दिया।

  • किसान गन्ने का दाम 5,500 रुपये प्रति टन करने की मांग कर रहे हैं।

  • चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो करने की मांग भी शामिल है।

  • गन्ने से बनने वाले एथेनॉल की खरीद नीति की समीक्षा की मांग उठाई गई है।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार - फोटो : गांव जंक्शन
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विस्तार
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कर्नाटक में गन्ने के दाम बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे किसानों के आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने गन्ना किसानों और चीनी मिल मालिकों के बीच विवाद सुलझाने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि दशहरे के बाद किसानों, चीनी मिल प्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें सभी पक्षों की समस्याएं सुनकर आपसी सहमति से समाधान निकालने की कोशिश होगी।

कर्नाटक में गन्ना किसान गन्ने का दाम 5,500 रुपये प्रति टन करने, चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो करने और गन्ने से बनने वाले एथेनॉल की खरीद नीति की समीक्षा करने समेत कई मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

गन्ना किसानों की क्या हैं प्रमुख मांगें?
किसानों की प्रमुख मांगें हैं कि गन्ने का खरीद मूल्य बढ़ाकर 5,500 रुपये प्रति टन किया जाए और चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य मौजूदा स्तर से बढ़ाकर 60 रुपये प्रति किलो किया जाए। इसके अलावा, किसान गन्ने से बनने वाले एथेनॉल की खरीद नीति में बदलाव की मांग भी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि गन्ने की खेती की लागत और उद्योग से जुड़ी आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें बेहतर कीमत मिलनी चाहिए।

‘हुबली चलो’ आंदोलन फिलहाल स्थगित
किसानों ने मंगलवार को ‘हुबली चलो’ आंदोलन का एलान किया था। इसके तहत केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी का घेराव करने की योजना थी। हालांकि, रविवार रात हुबली में किसान प्रतिनिधियों, केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, बेलगावी के सांसद जगदीश शेट्टार, विधायकों और सरकारी अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। इस बातचीत के बाद राज्य सरकार की ओर से किसानों और चीनी मिल मालिकों के बीच विवाद सुलझाने के प्रयास तेज होने की उम्मीद है।

पहले किसानों और फिर मिल मालिकों से होगी चर्चा
मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन्होंने चीनी मिलों के प्रतिनिधियों से चर्चा की है। अब सभी पक्षों की बैठक के लिए तारीख तय करने की कोशिश की जा रही है।उन्होंने कहा कि पहले किसानों और चीनी मिल मालिकों की समस्याएं अलग-अलग सुनी जाएंगी। इसके बाद दोनों पक्षों को एक साथ बैठाकर समाधान निकालने पर चर्चा होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी से बातचीत की जाएगी और विवाद सुलझाने के उनके प्रयासों को ध्यान में रखा जाएगा।

किसानों और मिलों, दोनों के हितों का रखना होगा ध्यान
मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्ना किसानों, चीनी मिल मालिकों और उद्योग से जुड़े अन्य लोगों की आजीविका चीनी उद्योग पर निर्भर है। इसलिए विवाद का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से और सभी पक्षों की सहमति से निकालना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि चीनी मिलों का आर्थिक रूप से मजबूत रहना भी जरूरी है, तभी वे अपना काम जारी रख सकेंगी। सरकार को किसानों की समस्याओं के साथ मिलों की आर्थिक स्थिति और अपनी जिम्मेदारियों को भी ध्यान में रखना होगा। शिवकुमार ने कहा कि समस्या का समाधान करने की जिम्मेदारी सभी पक्षों की है। ऐसा नहीं होना चाहिए कि आर्थिक बोझ एक पक्ष से हटाकर दूसरे पर डाल दिया जाए।

उन्होंने दोहराया कि दशहरे के बाद बैठक आयोजित की जाएगी। इसके लिए चीनी मिल मालिकों को अपनी मंशा से अवगत करा दिया गया है और जल्द ही किसान नेताओं से भी संपर्क किया जाएगा। बैठक में गन्ना उत्पादक क्षेत्रों से जुड़े कैबिनेट मंत्रियों, संबंधित जिलों के प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों को शामिल किया जा सकता है। केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी, अन्य सांसदों और स्थानीय विधायकों को भी आमंत्रित करने की योजना है।

सूखे और स्थानीय निकाय चुनावों पर भी चर्चा
मुख्यमंत्री ने बताया कि सोमवार को मंत्रियों के साथ हुई बैठक में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। निर्वाचन आयोग से 27 अक्टूबर को संशोधित मतदाता सूची मिलने की उम्मीद है। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने 31 दिसंबर तक स्थानीय निकाय चुनाव कराने का निर्देश दिया है।

इसी को देखते हुए सरकार ने मंत्रियों को चुनाव की तैयारियां शुरू करने को कहा है। इसमें बेंगलुरु शहर के स्थानीय निकाय चुनाव भी शामिल हैं। राज्य में सूखे की स्थिति पर शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात का समय मांगा है। हालांकि, अभी बैठक की तारीख तय नहीं हुई है।
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