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तमिलनाडु : दिवाली से पहले किसानों को बड़ी राहत, फसल ऋण माफी योजना की बढ़ाई गई अवधि

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 08 Nov 2026 02:36 PM IST
सार

तमिलनाडु की विजय सरकार ने दिवाली से पहले किसानों को बड़ी राहत दी है। फसल ऋण माफी योजना की अवधि बढ़ाई गई है। पात्र किसानों को 75 हजार रुपये तक की कर्ज माफी मिलेगी। सरकार ने 2,842 करोड़ रुपये अतिरिक्त मंजूर किए हैं।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने किसानों को दी सौगात।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने किसानों को दी सौगात। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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तमिलनाडु की सी. जोसेफ विजय सरकार ने किसानों को दिवाली से पहले बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने फसल ऋण माफी योजना की अवधि एक महीने बढ़ाकर 31 मार्च 2026 तक कर दी है। इसके साथ ही योजना के लिए 2,842.77 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 75,000 रुपये तक का फसल ऋण माफ किया जाएगा।

सरकारी आदेश के मुताबिक, 1 मई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच सहकारी समितियों से फसल ऋण लेने वाले किसान इस योजना के दायरे में आएंगे। पहले ऋण माफी के लिए अंतिम तारीख 28 फरवरी 2026 तय की गई थी, जिसे अब एक महीने बढ़ा दिया गया है।

किस किसान का कितना कर्ज होगा माफ?
नई व्यवस्था के तहत 75,000 रुपये तक का फसल ऋण लेने वाले पात्र किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। वहीं, जिन किसानों ने 75,000 रुपये से अधिक का कर्ज लिया है, उन्हें अधिकतम 75,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। पहले एक लाख रुपये से अधिक का फसल ऋण लेने वाले किसानों को केवल 35,000 रुपये तक की राहत मिलती थी। अब इस सीमा को बढ़ाकर 75,000 रुपये कर दिया गया है। सरकार का अनुमान है कि इस संशोधित योजना के तहत करीब 13.25 लाख किसानों के 8,312.21 करोड़ रुपये के फसल ऋण माफी के दायरे में आएंगे।

पहले से कर्ज चुकाने वाले किसानों को भी फायदा
इस योजना में उन किसानों को भी राहत दी जाएगी, जिन्होंने योजना की घोषणा से पहले ही अपना फसल ऋण चुका दिया है। ऐसे किसानों को पात्रता के अनुसार ब्याज की रकम वापस की जाएगी। इसके अलावा, एक किसान की ओर से लिए गए कई फसल ऋण और परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर लिए गए ऋण भी योजना के दायरे में शामिल होंगे। 10,000 रुपये से कम मासिक पेंशन पाने वाले पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिलेगा, बशर्ते वे योजना की अन्य शर्तें पूरी करते हों।

योजना पर खर्च होंगे 9,062 करोड़ रुपये
तमिलनाडु सरकार के मुताबिक, इस योजना पर कुल 9,062.83 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें से 6,220.056 करोड़ रुपये पहले ही जारी किए जा चुके हैं। अब शेष 2,842.774 करोड़ रुपये जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसमें 2,562.774 करोड़ रुपये मूलधन और 280 करोड़ रुपये ब्याज के भुगतान के लिए रखे गए हैं।

सरकार ने 16 जून को योजना में बदलाव करते हुए 75,000 रुपये तक के पात्र फसल ऋण को पूरी तरह माफ करने का प्रावधान किया था। इसके बाद 17 अगस्त को मुख्यमंत्री विजय ने 75,000 से एक लाख रुपये तक के कर्ज पर भी 75,000 रुपये तक की राहत देने की घोषणा की थी।

किसान संगठनों ने की पूरी कर्ज माफी की मांग
राज्य के कई किसान संगठनों ने योजना की अवधि बढ़ाने के फैसले का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने सरकार से चुनावी वादे के मुताबिक किसानों का पूरा कर्ज माफ करने की मांग भी की है। किसान संगठनों का कहना है कि 2025 से पहले कर्ज लेने वाले किसानों और पहले ही अपना कर्ज चुका चुके किसानों को भी राहत मिलनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने कावेरी डेल्टा के जिलों को सूखा प्रभावित घोषित करने की मांग उठाई है।

किन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ?
  • किसान तमिलनाडु का निवासी होना चाहिए।
  • फसल ऋण राज्य की सहकारी संस्थाओं, सहकारी बैंकों या प्राथमिक कृषि सहकारी ऋण समितियों से लिया गया हो।
  • ऋण 1 मई 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच लिया गया हो।
  • 75,000 रुपये तक का पात्र ऋण पूरी तरह माफ होगा।
  • 75,000 रुपये से अधिक के ऋण पर अधिकतम 75,000 रुपये की छूट मिलेगी।
  • योजना की घोषणा से पहले कर्ज चुका चुके पात्र किसानों को ब्याज की रकम वापस की जाएगी।
  • एक व्यक्ति या परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर लिए गए कई पात्र ऋण भी शामिल होंगे।

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