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Home› Khabar Junction› Ai Will Tell Farmers Where To Sell Their Crops And Where They Will Get Better Prices

मंडी-मंडी भटकने से मिलेगी मुक्ति : AI किसानों को बताएगा कहां बेंचे फसल, कहां मिलेगा बेहतर दाम, जानें

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 08 Nov 2026 12:42 PM IST
सार

किसानों को फसल का बेहतर दाम दिलाने में AI मदद करेगा। दिल्ली की छात्रा ओशीन मल्होत्रा ने ऐसा प्लेटफॉर्म बनाया है, जो मंडियों के भाव और खरीदारों की मांग का विश्लेषण कर बेहतर बाजार खोजने में मदद करेगा।

सांकेतिक तस्वीर
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए अब अलग-अलग मंडियों के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से किसान यह पता लगा सकेंगे कि उनकी उपज के लिए कौन-सी मंडी या बाजार बेहतर है और कहां अच्छी कीमत मिलने की उम्मीद है। इसके लिए इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी महिला विश्वविद्यालय (IGDTUW) की छात्रा ओशीन मल्होत्रा ने एक खास AI आधारित प्लेटफॉर्म तैयार किया है।

यह प्लेटफॉर्म किसानों को फसल के बाजार भाव, खरीदारों की मांग और उपज की उपलब्धता जैसी जानकारियां एक जगह उपलब्ध कराने में मदद करेगा। इसका मकसद किसानों को सही बाजार चुनने में मदद करना है, ताकि वे अपनी उपज का बेहतर दाम हासिल कर सकें।

गूगल की प्रतियोगिता में मिला पहला स्थान, 20 लाख रुपये का पुरस्कार
ओशीन मल्होत्रा के इस AI प्रोजेक्ट को गूगल की 'फंड माय क्रेजी-2026' प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें 20 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी दी गई। इस प्रतियोगिता में देशभर से कुल 1 लाख 92 हजार प्रविष्टियां आई थीं। इतनी बड़ी संख्या में आए प्रोजेक्ट के बीच पहला स्थान हासिल करना ओशीन के लिए बड़ी उपलब्धि है। उनकी इस सफलता पर विश्वविद्यालय ने भी खुशी जताई है। IGDTUW की कुलपति प्रो. रंजना झा ने इसे पूरे विश्वविद्यालय के लिए गर्व की बात बताया है।

कैसे काम करेगा किसानों के लिए AI प्लेटफॉर्म?
यह AI प्लेटफॉर्म कृषि बाजार से जुड़ी अलग-अलग जानकारियों का विश्लेषण करेगा। इसमें प्रमुख रूप से ये जानकारियां शामिल होंगी-
  • अलग-अलग मंडियों में फसलों के भाव।
  • बाजार में उपज की उपलब्धता।
  • खरीदारों की मांग।
  • मौसम से जुड़ी जानकारी।
  • कृषि और बाजार से संबंधित अन्य आंकड़े।

इन सभी जानकारियों का विश्लेषण करके प्लेटफॉर्म किसानों को बता सकेगा कि उनकी फसल बेचने के लिए कौन-सा बाजार बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे किसानों को फसल बेचने से पहले अलग-अलग मंडियों की स्थिति समझने में मदद मिलेगी।

किसानों को कैसे होगा फायदा?
अभी कई बार किसानों को आसपास की मंडियों के भाव और दूसरी जगहों पर मिलने वाली कीमतों की सही जानकारी नहीं मिल पाती। ऐसे में उन्हें अपनी फसल कम कीमत पर बेचनी पड़ती है। AI आधारित इस प्लेटफॉर्म से किसान अपनी फसल और उसकी मात्रा के हिसाब से बेहतर बाजार तलाश सकेंगे। वे अलग-अलग मंडियों के भाव और खरीदारों की मांग की तुलना कर पाएंगे।

इससे किसानों को तीन बड़े फायदे हो सकते हैं
  1. बेहतर कीमत की जानकारी : किसान पता लगा सकेंगे कि उनकी उपज के लिए किस बाजार में अच्छी कीमत मिलने की संभावना है।
  2. परिवहन खर्च में बचत : सही बाजार चुनने से ऐसी जगह फसल भेजने से बच सकते हैं, जहां कीमत कम मिलने की आशंका हो।
  3. बेहतर बाजार का चुनाव : फसल की मांग और उपलब्धता को समझकर किसान बिक्री की योजना बना सकेंगे।

भारतीय कृषि का ब्लूमबर्ग टर्मिनल बनाना है सपना
ओशीन मल्होत्रा इस प्रोजेक्ट को भविष्य में भारतीय कृषि के लिए एक बड़े सूचना प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित करना चाहती हैं। उनका सपना इसे भारतीय कृषि का 'ब्लूमबर्ग टर्मिनल' बनाना है। ब्लूमबर्ग टर्मिनल एक ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां वित्तीय बाजार से जुड़ी कई तरह की जानकारियां एक जगह मिलती हैं। इसी तरह ओशीन का प्लेटफॉर्म कृषि बाजार से जुड़ी जरूरी जानकारियां किसानों तक पहुंचाने की दिशा में काम करेगा। विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. रंजना झा ने भी उम्मीद जताई है कि यह पहल आने वाले समय में भारतीय कृषि के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।
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