गन्ना किसानों और चीनी उद्योग से जुड़ी समस्याओं को समझने के लिए केंद्र सरकार की ओर से गठित समिति 4 नवंबर को पुणे में बैठक करेगी। चीनी आयुक्त कार्यालय में होने वाली इस बैठक में किसान संगठनों, चीनी मिल संघों, शोध संस्थानों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों से चर्चा की जाएगी। पूर्व नीति आयोग सदस्य प्रो. रमेश चंद इस समिति की अध्यक्षता करेंगे। बैठक में गन्ना किसानों और चीनी उद्योग की समस्याओं पर सुझाव लिए जाएंगे।
किसान संगठनों और चीनी उद्योग के प्रतिनिधियों से होगी चर्चा
बैठक में अलग-अलग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के लिए समय तय किया गया है। इसमें वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट (VSI), गन्ना किसान संगठन, महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन, वेस्ट इंडियन शुगर मिल्स एसोसिएशन और ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
तय कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 9:30 से 10:15 बजे तक VSI के प्रतिनिधियों के साथ बैठक होगी। इसके बाद सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक गन्ना किसान संगठनों के प्रतिनिधि अपनी बात रखेंगे। महाराष्ट्र स्टेट कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज फेडरेशन और WISMA के प्रतिनिधियों के साथ दोपहर 1:45 से 3 बजे तक चर्चा होगी। वहीं, AISTA के प्रतिनिधियों के साथ दोपहर 3 से 3:30 बजे तक बैठक निर्धारित है।
चीनी आयुक्त और सरकारी अधिकारियों के साथ आखिरी बैठक
दिन की आखिरी बैठक दोपहर 3:45 से शाम 4:45 बजे तक होगी। इसमें महाराष्ट्र के चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते और अन्य वरिष्ठ सरकारी अधिकारी शामिल होंगे।
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केंद्र सरकार को सुझाव देगी समिति
केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों और चीनी उद्योग के सामने आने वाली समस्याओं का विस्तार से आकलन करने के लिए इस समिति का गठन किया है। समिति का उद्देश्य इस क्षेत्र से जुड़े सभी प्रमुख पक्षों की राय जानना और उनकी समस्याओं को समझना है। बैठक में मिले सुझावों और चर्चाओं के आधार पर समिति केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगी।