धान कटाई का काम शुरू होने के साथ पराली जलाने के मामले भी सामने आने लगे हैं। शनिवार तक पराली जलाने में मध्य प्रदेश पहले और पंजाब दूसरे पायदान पर रहा। शनिवार को पंजाब में पराली जलाने के 29 नए मामले सामने आए, जिसके बाद यहां कुल मामलों की संख्या बढ़कर 220 हो गई। सात राज्यों में पराली जलाने के कुल 865 मामले दर्ज हो चुके हैं।
मध्य प्रदेश सबसे आगे, पंजाब के दो जिले हॉटस्पॉट
इस कटाई सीजन में 354 मामलों के साथ पंजाब पहले स्थान पर है, जबकि पंजाब 220 मामलों के साथ दूसरे पायदान पर है। इनके अलावा उत्तर प्रदेश में 134, राजस्थान में 124, उत्तराखंड में 24, हरियाणा में आठ और दिल्ली में एक मामला सामने आया है। इस बार पंजाब के तरनतारन और अमृतसर जिले पराली जलाने के सबसे बड़े केंद्र बने हुए हैं। केवल तरनतारन में पराली जलाने के 95 मामले और अमृतसर में 81 मामले दर्ज किए गए हैं।
पंजाब में 18 FIR, 3.2 लाख रुपये का जुर्माना ठोका
पंजाब में पराली जलाने के मामलों पर नकेल कसने के लिए प्रशासन FIR से जुर्माने तक का सहारा ले रहा है। इस कड़ी में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कुल 18 FIR लिखी गई हैं, 12 मामले केवल तरनतारन में दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा 62 मामलों में 3.2 लाख रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया गया है, जिसमें से 1.4 लाख रुपये वसूले जा चुके हैं। 38 मामलों में जमीन का विवरण रेड एंट्री में डाला गया है। लापरवाही बरतने वाले 94 नोडल और पर्यवेक्षी अधिकारियों को चेतावनी और कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
CAQM की टीम ने लिया जायजा
पराली जलाने की चुनौती से निपटने की तैयारी गा जायजा लेने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की एक टीम शुक्रवार को मोगा और शनिवार को फरीदाबाद भी पहुंची। इस दौरान टीम ने जिले के डीएम संग बैठक की और पराली प्रबंधन के लिए तैनात मशीनों तथा जमीनी स्तर पर निगरानी की स्थिति की समीक्षा की।
आंकड़ों के मुताबिक, सात राज्यों के कुल 106 जिलों में पराली जलने की घटनाएं रिपोर्ट की गई हैं, जिनमें पंजाब के 15 जिले शामिल हैं।