महाराष्ट्र के नासिक स्थित नासाका सहकारी चीनी मिल पर किसानों के गन्ने का भुगतान, कर्मचारियों का वेतन और अन्य देनदारियों समेत करीब 17 करोड़ रुपये बकाया हैं। किसानों का आरोप है कि मिल चलाने की जिम्मेदारी लेने वाली राजगंगा शुगर मिल्स ने चीनी, खोई और राख का स्टॉक बेचने के बाद मिल का संचालन बंद कर दिया, लेकिन किसानों का बकाया भुगतान नहीं किया। किसानों ने मामले की जांच कराने और उनकी बकाया राशि दिलाने की मांग की है।
मराठी दैनिक सकाल की रिपोर्ट के मुताबिक, नासाका के किसानों ने शुक्रवार, 16 अक्टूबर को महाराष्ट्र के चीनी आयुक्त डॉ. संजय कोलते से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि नासिक के पालसे स्थित नासाका सहकारी चीनी मिल पर गन्ना किसानों के भुगतान, कर्मचारियों के बकाया और अन्य देनदारियों के रूप में करीब 17 करोड़ रुपये बाकी हैं।
पहले समय पर मिलता था गन्ने का भुगतान
किसानों का कहना है कि जब पूर्व सांसद हेमंत गोडसे मिल के संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे, तब उन्हें गन्ने का भुगतान समय पर मिल जाता था। बाद में अष्टलक्ष्मी एथेनॉल एनर्जी लिमिटेड और पुणे की राजगंगा शुगर मिल्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए समझौते के बाद मिल के संचालन की जिम्मेदारी राजगंगा शुगर मिल्स के निदेशकों राजाराम घावते, प्रसाद घावते और विट्ठल कदम को सौंप दी गई।
किसानों के मुताबिक, राजगंगा शुगर मिल्स ने वर्ष 2025-26 के पेराई सत्र से जुड़ा पूरा भुगतान करने की जिम्मेदारी ली थी। हालांकि, किसानों ने आरोप लगाया कि मिल में रखी चीनी, खोई और राख का स्टॉक बेचने के बाद संचालन बंद कर दिया गया। इसके बाद कंपनी ने मिल के कामकाज से हाथ खींच लिया, जबकि किसानों का गन्ना भुगतान बकाया रह गया।
दूसरी चीनी मिलों के संचालन की भी जांच की मांग
किसानों ने बताया कि राजगंगा शुगर मिल्स ने महाराष्ट्र की कुछ अन्य चीनी मिलों के संचालन की जिम्मेदारी भी ली थी। उन्होंने चीनी आयुक्त से कंपनी के कामकाज की व्यापक जांच कराने और नासाका के किसानों का बकाया भुगतान जल्द दिलाने की मांग की है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान स्वतंत्र भारत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल घनवट, शिवसेना के जिला अध्यक्ष अनिल धिकले, किसान संगठन से जुड़े शंकरराव धिकले, नासिक तालुका खरीद-बिक्री सहकारी समिति के अध्यक्ष जय राम धिकले और पूर्व अध्यक्ष दत्ता धिकले समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
धाराशिव की चीनी मिलों के लेन-देन की भी जांच की मांग
किसानों ने नासाका के संचालन की जिम्मेदारी संभालने वाले राजाराम घावते, प्रसाद घावते और विट्ठल कदम की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि उपलब्ध दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जाए। यदि किसी तरह की अनियमितता या कानून के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
किसानों ने यह भी कहा कि उन्हें जानकारी मिली है कि संबंधित लोगों ने धाराशिव जिले की बाणगंगा सहकारी चीनी मिल और भाऊसाहेब बिराजदार सहकारी चीनी मिल के संचालन की जिम्मेदारी भी ली थी। उन्होंने इन दोनों मिलों से जुड़े लेन-देन और संचालन की भी जांच कराने की मांग की है।
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