शारदीय नवरात्र इस साल 11 अक्टूबर से शुरू होंगे। मां भगवती की आराधना के इस नौ दिवसीय पर्व में इस बार तिथियों की स्थिति के कारण नवरात्र 10 दिनों के होंगे। अष्टमी तिथि की वृद्धि होने से महाअष्टमी का व्रत 18 अक्टूबर को रखा जाएगा, जबकि 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी।
नोएडा सेक्टर 73 स्थित महादेव महेश्वरी मंदिर के पुजारी आचार्य सुबोध शास्त्री ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन यानी 11 अक्टूबर को प्रतिपदा तिथि रहेगी। इसी दिन घरों और पूजा स्थलों पर कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप माता शैलपुत्री की पूजा की जाएगी।
11 अक्टूबर को कलश स्थापना
प्रतिपदा तिथि 11 अक्टूबर को सूर्योदय से रात 8:37 बजे तक रहेगी। कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा। इस दिन चित्रा नक्षत्र रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस नक्षत्र में कलश स्थापना नहीं की जाती। ऐसे में अभिजीत मुहूर्त में कलश स्थापना करना शुभ माना गया है।
दो दिन रहेगी अष्टमी तिथि
इस बार अष्टमी तिथि की वृद्धि होने के कारण अष्टमी दो दिन रहेगी। 18 अक्टूबर को महाअष्टमी का व्रत रखा जाएगा और इसी दिन निशा पूजा भी की जाएगी। अष्टमी तिथि के व्रत का पारण 19 अक्टूबर सुबह 7:55 बजे के बाद किया जाएगा।
17 अक्टूबर को सप्तमी और देवी प्रतिमा स्थापना
नवरात्र की सप्तमी तिथि का मान 17 अक्टूबर को रहेगा। यह तिथि सूर्योदय से रात 5:53 बजे तक व्याप्त रहेगी। इसी दिन पूजा पंडालों में देवी की प्रतिमाओं की स्थापना की जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस वर्ष माता का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। इसे शुभ संकेत के तौर पर देखा जाता है। वहीं माता का गमन मूर्गे पर माना गया है, जिसे धार्मिक मान्यताओं में अशांति का संकेत माना जाता है।
19-20 अक्टूबर को कन्या पूजन
नवमी तिथि के दौरान कन्या पूजन किया जाएगा। दिए गए पंचांग के अनुसार 19 अक्टूबर सुबह 7:55 बजे के बाद से 20 अक्टूबर सुबह 9:35 बजे से पहले कन्या पूजन किया जा सकता है। नवमी तिथि 20 अक्टूबर को सुबह 9:35 बजे तक रहेगी। इसी अवधि में नवमी का व्रत किया जाएगा। इसके बाद दशमी तिथि शुरू हो जाएगी।
20 अक्टूबर को ही विजयादशमी
इस बार नवरात्र के समापन के साथ ही 20 अक्टूबर को विजयादशमी मनाई जाएगी। दोपहर में श्रवण नक्षत्र से युक्त दशमी तिथि होने के कारण इसी दिन दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इस तरह अष्टमी तिथि की वृद्धि के कारण इस साल शारदीय नवरात्र का क्रम सामान्य नौ दिनों के बजाय 10 दिनों का रहेगा।
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