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Rajasthan No Shortage Of Fertilizers Black Marketing Will Also Be Curbed 744 Inspectors Will Keep An Eye On It
राजस्थान: नहीं होगी खाद की कमी, कालाबाजारी पर भी कसेगा शिकंजा, 744 निरीक्षक रखेंगे नजर
गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली
Published by: Mohammad Aamil
Updated Wed, 07 Oct 2026 04:30 PM IST
सार
रबी सीजन में किसानों को खाद की कमी न हो, इसके लिए राजस्थान सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। राज्य में 3.73 लाख मीट्रिक टन यूरिया और 1.04 लाख मीट्रिक टन DAP का स्टॉक है। खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और अवैध भंडारण रोकने के लिए 744 उर्वरक निरीक्षक तैनात किए गए हैं।
राजस्थान में रबी फसलों की बुवाई के दौरान किसानों को खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी। केंद्र से राज्य को मिली खाद की पूरी मात्रा समय पर किसानों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी, जबरन टैगिंग और अवैध भंडारण पर भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह फैसला उर्वरक वितरण नियामक टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने की।
744 निरीक्षक रखेंगे खाद वितरण पर नजर
राज्य में खाद की उपलब्धता और वितरण की निगरानी के लिए 744 उर्वरक निरीक्षक तैनात किए गए हैं। ये अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि किसानों को उनकी जरूरत के मुताबिक समय पर खाद मिले और वितरण में किसी तरह की गड़बड़ी न हो।
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए डीएपी और यूरिया का पारदर्शी और सुचारु वितरण सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रबी की बुवाई के महत्वपूर्ण समय में खाद की कमी नहीं होने दी जाएगी।
राज्य में अभी कितना खाद का स्टॉक?
कृषि विभाग की प्रमुख सचिव मंजू राजपाल ने बताया कि ‘धरती माता बचाओ’ अभियान के तहत बनाई गई समितियां खाद की उपलब्धता पर लगातार नजर रख रही हैं। राज्य में फिलहाल यूरिया 3.73 लाख मीट्रिक टन, डीएपी 1.04 लाख मीट्रिक टन, एनपीके 95,000 मीट्रिक टन और सिंगल सुपर फॉस्फेट (SSP): 2.09 लाख मीट्रिक टन का स्टॉक उपलब्ध है।
मांग के हिसाब से बनेगा जिलेवार प्लान
केंद्र सरकार राज्यों को खाद की आपूर्ति महीने और कंपनी के हिसाब से आवंटित करती है। इसके आधार पर राजस्थान का कृषि विभाग हर जिले के लिए खाद वितरण की योजना तैयार कर रहा है। इस योजना में केंद्र से राज्य को मिले खाद के आवंटन के साथ-साथ हर जिले की वास्तविक मांग को भी ध्यान में रखा जा रहा है। इसका उद्देश्य रबी सीजन में किसानों को जरूरत के समय खाद उपलब्ध कराना और आपूर्ति में किसी तरह की परेशानी को रोकना है।
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