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कर्नाटक: दूध के दाम में 10 रुपये तक बढ़ोतरी, बस किराया भी बढ़ने की तैयारी, विपक्ष ने सरकार को घेरा

गांव जंक्शन डेस्क, बेंगलुरु Published by: Umashankar Mishra Updated Wed, 07 Oct 2026 04:04 PM IST
सार

कर्नाटक में नंदिनी दूध की कीमत 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाने के प्रस्ताव और बस किराये में 10 से 13 प्रतिशत बढ़ोतरी की तैयारी पर विपक्ष ने सरकार को घेरा है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी वित्तीय नाकामी का बोझ टैक्स और कीमतें बढ़ाकर जनता पर डाल रही है। जानिए, विस्तार से...

राज्य मंत्रिमंडल ने नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी।
राज्य मंत्रिमंडल ने नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कर्नाटक में दूध की कीमत और बस किराया बढ़ाने के प्रस्ताव को लेकर सियासी विवाद शुरू हो गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आर अशोक ने राज्य सरकार पर जनता पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नंदिनी दूध की कीमत में 8 से 10 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के प्रस्ताव के बाद अब बस किराया बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।

मंगलवार को राज्य मंत्रिमंडल ने नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव पर सहमति जताई थी। हालांकि, अंतिम फैसला 23 अक्टूबर को होने वाले विधान परिषद चुनाव के बाद होने की संभावना है, क्योंकि फिलहाल आदर्श आचार संहिता लागू है।

दूध के दाम में 10 रुपये तक बढ़ोतरी
कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने दूध की कीमत में 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ोतरी की मांग की है। राज्य सरकार के मंत्रियों का कहना है कि कीमत बढ़ने से डेयरी किसानों को मिलने वाला रिटर्न बेहतर होगा। मंत्रिमंडल ने 8 से 10 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। अंतिम निर्णय चुनाव के बाद लिया जा सकता है।

बस किराये में 10 से 13% बढ़ोतरी का प्रस्ताव
आर अशोक ने राज्य परिवहन निगमों में बस किराये में प्रस्तावित 10 से 13 प्रतिशत बढ़ोतरी पर भी सवाल उठाए। इसमें बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (BMTC) भी शामिल है। उन्होंने कहा कि किराये में बढ़ोतरी का सीधा असर कामगारों, छात्रों, कर्मचारियों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर पड़ेगा, जो रोजाना सार्वजनिक परिवहन पर निर्भर हैं।

बिजली से लेकर मेट्रो किराये तक गिनाए बढ़े खर्च
अशोक ने सरकार पर लोगों पर लगातार आर्थिक बोझ डालने का आरोप लगाते हुए बिजली शुल्क, पेट्रोल-डीजल पर टैक्स, संपत्ति पंजीकरण शुल्क, पानी और कचरा प्रबंधन शुल्क तथा मेट्रो किराये में बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या पहले से ही आर्थिक बोझ झेल रही जनता पर और बोझ डालना जरूरी है।

वित्तीय प्रबंधन पर सरकार को घेरा
अशोक ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से सरकार के वित्तीय प्रबंधन को लेकर सवाल किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार गारंटी योजनाओं के नाम पर लोगों को पैसा दे रही है, जबकि दूसरी तरफ टैक्स और कीमतें बढ़ाकर लोगों की जेब से उससे कहीं अधिक पैसा लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की वित्तीय स्थिति के प्रबंधन की कथित विफलता का खामियाजा कर्नाटक की जनता को क्यों भुगतना चाहिए।

चुनाव के बाद हो सकता है अंतिम फैसला
नंदिनी दूध की कीमत बढ़ाने का अंतिम फैसला फिलहाल टल सकता है। 23 अक्टूबर के विधान परिषद चुनाव के बाद सरकार इस पर अंतिम निर्णय ले सकती है। आचार संहिता के चलते फिलहाल कीमत बढ़ाने के प्रस्ताव पर अंतिम कदम उठाने में सावधानी बरती जा रही है।
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