राजस्थान में गन्ने की खेती काफी सीमित रकबे में होती है। लेकिन, मजबूत बाजार और अच्छे भाव के कारण जयपुर के रोजदा गांव के अधिकतर किसान गन्ने की खेती को आमदनी का अहम माध्यम बना चुके हैं। रोजदा में हुआ यह फसल विविधीकरण दूसरे इलाकों के किसानों को भी इस दिशा में प्रोत्साहित करने का काम कर हा है।
एक बीघा में 60 हजार रुपये का मुनाफा
गांव के किसान रामधन बताते हैं कि गन्ने की खेती में मेहनत ज्यादा है, लेकिन कमाई भी शानदार है। एक बीघा जमीन में 10 क्विंटल गन्ना बोने पर 10 टन तक उपज मिलती है। बुवाई से कटाई तक का खर्च 20 से 25 हजार रुपये आता है। जब इसे बाजार में बेचा जाता है, तो 70 से 80 हजार रुपये मिलते हैं। ऐसे में किसान को एक बीघा में 45 से 60 हजार रुपये की शुद्ध बचत आसानी से हो जाती है।
40 साल का अनुभव और बाजार की पक्की मांग
गांव के अनुभवी किसान अंगद पिछले 40 साल से गन्ना उगा रहे हैं। उनके अनुसार, स्थानीय और बाहरी बाजारों में गन्ने की मांग साल भर रहती है, इसलिए इसे बेचने में कोई परेशानी नहीं होती। बाजार में गन्ने का एक नग करीब 15 रुपये में बिक जाता है। गन्ने के तय और स्थिर भाव के कारण किसानों को उनकी मेहनत का पूरा पैसा समय पर मिल जाता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।
सही देखभाल और प्रबंधन से मिलती है सफलता
किसानों का मानना है कि गन्ने से अच्छा मुनाफा लेने के लिए सही समय पर बुवाई, भरपूर सिंचाई, सही खाद और फसल की लगातार निगरानी जरूरी है। हालांकि, जमीन की मिट्टी, मौसम और बाजार के भाव के अनुसार कमाई में थोड़ा अंतर आ सकता है। रोजदा के किसानों ने साबित कर दिया है कि सही फसल चुनकर छोटी जोत वाले किसान भी अच्छी कमाई कर सकते हैं।