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बारिश की भेंट चढ़ी किसानों की छह महीने की मेहनत : पंजाब-हरियाणा की मंडियों में जलभराव से डूबीं धान की बोरियां

गांव जंक्शन डेस्क, चंडीगढ़ Published by: Umashankar Mishra Updated Mon, 12 Oct 2026 01:20 PM IST
सार

पंजाब के फाजिल्का और हरियाणा के अंबाला की अनाज मंडियों में बारिश से जलभराव हुआ है। धान की बोरियां भीगने से किसानों को नुकसान की आशंका है। किसानों ने जल निकासी की खराब व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।

फाजिल्का और अंबाला की मंडियों में धान की बोरियां पानी में डूब गईं।
फाजिल्का और अंबाला की मंडियों में धान की बोरियां पानी में डूब गईं। - फोटो : सोशल मीडिया (सांकेतिक तस्वीर)
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विस्तार
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पंजाब और हरियाणा में भारी बारिश से अनाज मंडियों में पानी भर गया है। फाजिल्का और अंबाला की मंडियों में धान की बोरियां पानी में डूब गईं। किसानों का आरोप है कि जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उनकी फसल को नुकसान हुआ है। इससे धान को सुखाने और सुरक्षित रखने की चुनौती बढ़ गई है।

जल निकासी नहीं होने से बढ़ी परेशानी
पंजाब के फाजिल्का की मंडी में बारिश के बाद बड़ी मात्रा में धान भीग गया। किसान नरेश कुमार ने बताया कि मंडी में पानी निकलने का रास्ता नहीं है। बारिश होते ही पानी भर जाता है, जिससे धान को नुकसान पहुंचता है।

उन्होंने कहा कि किसान छह महीने मेहनत करके फसल तैयार करते हैं, लेकिन मंडी में पानी भरने से उनकी मेहनत बेकार होने का खतरा पैदा हो गया है। किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।

अंबाला में भी धान की बोरियां पानी में डूबीं
हरियाणा के अंबाला की अनाज मंडी में भी बारिश के कारण जलभराव हुआ। यहां धान की बोरियां पानी में डूब गईं। किसानों का कहना है कि मंडियों में फसल को बारिश से बचाने और पानी निकालने के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए थे।

15 अक्टूबर तक बारिश की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, अंबाला में 15 अक्टूबर तक गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है। यहां येलो अलर्ट जारी किया गया है। फाजिल्का में भी अगले कुछ दिनों तक आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

ऐसे में पहले से भीगे धान को सुखाने में परेशानी हो सकती है और नुकसान बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
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