आगामी रबी सीजन में गेहूं किसान अच्छी किस्म का चुनाव कर अच्छा उत्पादन और आमदनी हासिल कर सकते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ने किसानों के लिए गेहूं की एक नई और किस्म HD 3471 विकसित की है।
HD 3471 असल में HD 3086 का ही एक उन्नत और बेहतर किस्म है। वैज्ञानिकों ने इसे आधुनिक मार्कर-असिस्टेड बैकक्रॉस ब्रीडिंग तकनीक के माध्यम से विकसित किया है। यह किस्म बंपर उत्पादन देने के लिए पहचानी गई है। सामान्य और अच्छी देखभाल में इसकी औसत उपज 60.2 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक प्राप्त होती है। वहीं, यदि मौसम और फसल प्रबंधन पूरी तरह अनुकूल रहे, तो यह किस्म अधिकतम 74.6 क्विंटल प्रति हेक्टेयर तक की शानदार पैदावार दे सकती है।
यह एक निकरा वैरायटी है। इसका सीधा मतलब यह है कि इसे खासतौर से बदलती जलवायु परिस्थितियों में जलवायु-अनुकूल रहने के लिए विकसित किया गया है। कृषि वैज्ञानिकों द्वारा इस किस्म को मुख्य रूप से उत्तर पश्चिमी मैदानी क्षेत्र के किसानों के लिए अनुशंसित किया गया है, जिसके अंतर्गत पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इलाके आते हैं। यह किस्म समय पर बुवाई और सिंचित क्षेत्रों (जहां सिंचाई की उचित व्यवस्था हो) के लिए सबसे उपयुक्त मानी गई है।
जो किसान इस रबी सीजन में अपने खेत से बेहतरीन गुणवत्ता और ज्यादा पैदावार चाहते हैं, उनके लिए 'पूसा व्हीट 3471' एक बेहतरीन विकल्प है। इसका चुनाव करके किसान न सिर्फ मौसम की अनिश्चितताओं से अपनी फसल को बचा सकते हैं, बल्कि अपनी आमदनी में भी भारी इजाफा कर सकते हैं।