एप पर भूमि रिकॉर्ड अपलोड करना जरूरी
कपास निगम ने खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए 2025-26 सीजन में कपास किसान एप को जमीन पर उतारा था। इस व्यवस्था के तहत किसानों को पंजीकरण के लिए जमीन के दस्तावेज एप पर अपलोड करने होते हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की 13 मंडियों में जल्द खरीद का काम शुरू कर दिया जाएगा।
60 हजार क्विंटल की आवक, निजी खरीद को बढ़त
इस खरीफ सीजन पंजाब के कपास का रकबा 80 हजार हेक्टेयर दर्ज किया गया थी, जिससे कम से कम आठ लाख क्विंटल उत्पादन का अनुमान है। मंडियों में अब तक लगभग 60 हजार क्विंटल कपास पहुंची है। इस आवक में से व्यापारियों और मिलों ने 59,477 क्विंटल की खरीद की है, जबकि 482 क्विंटल कपास बिना बिके और 1,146 क्विंटल उपज एमएसपी से कम भाव पर बिकी।
सरकार ने मध्यम रेशे वाली खरीफ कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,267 रुपये प्रति क्विंटल और लंबे रेशे वाली कपास का 8,667 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। पंजाब में 26.5 से 27.5 मिलीमीटर रेशे की लंबाई वाली कपास पैदा होती है, जिसका मूल्य लंबे रेशे के एमएसपी से 100 से 200 रुपये कम रहता है।
नमी के हिसाब से एमएसपी होती है तय
सरकारी नियमों के अनुसार, निर्धारित एमएसपी 8 प्रतिशत तक की नमी वाली कपास पर लागू होता है। यदि नमी 8 प्रतिशत से अधिक पाई जाती है, तो प्रति 1 प्रतिशत अतिरिक्त नमी पर एमएसपी में 1 प्रतिशत की कटौती की जाती है, जो अधिकतम 12 प्रतिशत नमी तक ही मान्य है। वर्तमान में मंडियों में कपास 8,000 से 8,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर बिक रही है, क्योंकि तय सीमा से ज्यादा नमी होने के कारण किसानों को दाम में कुछ कटौती का सामना करना पड़ रहा है।
किसानों को अब तक 6,300 से 9,200 रुपये तक मंडी भाव मिला
अधिकारियों के अनुसार, चालू सीजन के दौरान राज्य की मंडियों में कपास का न्यूनतम भाव 6,300 रुपये प्रति क्विंटल और अधिकतम भाव 9,200 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया है। सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को उनकी फसल का उचित समर्थन मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।