अगर आप निवेश के लिए एक भरोसेमंद माध्यम की तलाश में हैं, तो डाकघर की किसान विकास पत्र योजना पर आप तलाश के दौर को विराम दे सकते हैं। छोटे निवेशकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई इस सरकारी बचत योजना में निवेश कर रकम दोगुनी होने की गारंटी मिलती है। सरकारी सुरक्षा के कारण इसमें वित्तीय जोखिम न के बराबर होता है, जिससे यह लंबी अवधि में पूंजी बढ़ाने के लिए एक उपयोगी साधन साबित होती है।
सालाना 7.5 प्रतिशत ब्याज और 9 साल 7 महीने में रकम दोगुनी
किसान विकास पत्र योजना के तहत वर्तमान में 7.5 प्रतिशत का वार्षिक ब्याज दिया जा रहा है, जिसे हर छह महीने में कंपाउंड (चक्रवृद्धि) किया जाता है। यह योजना पकने में 115 महीने का समय लेती है। इस तय समय सीमा के पूरा होने पर निवेशक को उसकी मूल निवेश राशि दोगुनी होकर वापस मिलती है। इस योजना में न्यूनतम 1,000 रुपये से निवेश की शुरुआत की जा सकती है, जबकि अधिकतम निवेश के लिए कोई सीमा तय नहीं की गई है। इच्छुक नागरिक इसे किसी भी डाकघर या चुनिंदा बैंक शाखाओं के माध्यम से आसानी से खरीद सकते हैं।
2.6 साल तक पैसे नहीं निकाल सकते
यह योजना व्यक्तिगत नाम के अलावा जॉइंट नाम से भी ली जा सकती है और जरूरत पड़ने पर इसे ट्रांसफर कराने की सुविधा भी मिलती है। आप चाहें तो इसे अपने बच्चों के नाम पर भी शुरू कर सकते हैं, जिससे भविष्य में उनकी पढ़ाई या शादी के खर्चों के लिए एक बड़ा फंड तैयार किया जा सके।
निकासी नियमों के अनुसार, निवेश की तारीख से शुरुआती दो साल और छह महीने तक पैसा निकालने की अनुमति नहीं होती है। हालांकि, यह लॉक-इन अवधि समाप्त होने के बाद जरूरत पड़ने पर समय से पहले भी योजना से निकासी की जा सकती है।
आवेदन का तरीका...
किसान विकास पत्र में निवेश करने के लिए आवेदक को अपने नजदीकी डाकघर या बैंक शाखा में संपर्क करना होता है। वहां योजना से संबंधित आवेदन फॉर्म में नाम, पता, जन्मतिथि और निवेश राशि का विवरण भरना आवश्यक है।पहचान और पते के सत्यापन के लिए फॉर्म के साथ आधार कार्ड व संबंधित जरूरी दस्तावेज संलग्न करने होते हैं। इसके बाद तय निवेश राशि को नकद, चेक अथवा डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) के माध्यम से जमा करके इस सरकारी बचत योजना का लाभ उठाया जा सकता है।