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पंजाब : गेहूं के प्रमाणित बीज पर 50% सब्सिडी, किसानों को मिलेगा सस्ता बीज, जानें

गांव जंक्शन डेस्क, नई दिल्ली Published by: Mohammad Aamil Updated Sun, 25 Oct 2026 06:02 PM IST
सार

पंजाब सरकार ने गेहूं की बुवाई से पहले किसानों को प्रमाणित बीज सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये की योजना शुरू की है। इसके तहत पात्र किसानों को बीज पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। अधिकतम सहायता 2,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तय की गई है।

गेहूं का बीज।
गेहूं का बीज। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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पंजाब सरकार ने किसानों को अच्छी गुणवत्ता वाले गेहूं के प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने के लिए 50 करोड़ रुपये की सहायता योजना की घोषणा की है। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने रविवार को बताया कि योजना के तहत पात्र किसानों को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय (पीएयू) और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) की ओर से अनुशंसित प्रमाणित बीज पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी।

इस योजना से राज्य के करीब 2,42,218 किसानों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को सस्ता बीज उपलब्ध कराकर खेती की शुरुआती लागत कम करना और गेहूं की बुवाई के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज का इस्तेमाल बढ़ाना है।

4,250 रुपये वाला बीज 2,250 रुपये प्रति क्विंटल में
कृषि मंत्री के मुताबिक, प्रमाणित गेहूं के बीज की कीमत 4,250 रुपये प्रति क्विंटल है। सब्सिडी के बाद पात्र किसानों को यह बीज 2,250 रुपये प्रति क्विंटल की दर से उपलब्ध कराया जाएगा। हालांकि, वास्तविक सहायता बीज की लागत का 50 प्रतिशत या अधिकतम 2,000 रुपये प्रति हेक्टेयर होगी। इन दोनों में जो सीमा लागू होगी, उसी के अनुसार अनुदान दिया जाएगा।

पहले आवेदन करने वालों को प्राथमिकता
योजना को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (एनएफएसएनएम) के बीज घटक के तहत लागू किया जाएगा। यह मिशन कृषि उन्नति योजना के अंतर्गत संचालित होता है। कृषि विभाग ने जिलों और ब्लॉक के हिसाब से बीज की जरूरत और लाभार्थियों के लक्ष्य तय किए हैं। सहायता पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जाएगी। इसका लाभ संबंधित जिले और ब्लॉक के लिए निर्धारित लक्ष्य तथा बीज की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।

आधार कार्ड और ओटीपी से होगा सत्यापन
सब्सिडी लेने के इच्छुक किसानों को अपने जिले या ब्लॉक के कृषि कार्यालय से संपर्क करना होगा। आवेदन के लिए आधार कार्ड जरूरी होगा। किसानों को विभाग के निर्धारित पोर्टल www.agrimachinerypb.com के माध्यम से प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पहचान की पुष्टि आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से की जाएगी।

इन किस्मों के बीज पर मिलेगी सब्सिडी
योजना का लाभ केवल उन्हीं प्रमाणित गेहूं की किस्मों पर मिलेगा, जिनकी सिफारिश पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना ने की है और जिन्हें आईसीएआर या पंजाब सरकार ने अधिसूचित किया है। बीज की किस्म निर्धारित 10 वर्ष की सीमा के भीतर होनी चाहिए।

बीज की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए बीज उत्पादन और आपूर्ति करने वाली संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी तय की गई है। बीज की गुणवत्ता को लेकर शिकायत मिलने पर संबंधित एजेंसियों को उसका समाधान करना होगा।

पारदर्शिता के लिए होगी जांच
कृषि विभाग ने योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी प्रावधान किए हैं। लाभार्थियों का रिकॉर्ड, वितरित बीज की मात्रा और सब्सिडी का विवरण रखना जरूरी होगा। भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, लाभार्थियों पर दो साल की कूलिंग-ऑफ अवधि भी लागू होगी।

अंतिम मंजूरी से पहले विभाग लाभार्थियों की कुछ मामलों में औचक जांच करेगा। इसमें यह सत्यापित किया जाएगा कि किसानों को कितनी मात्रा में बीज दिया गया और कितनी सब्सिडी का दावा किया गया है। कृषि मंत्री ने किसानों से निर्धारित ऑनलाइन प्रक्रिया के अनुसार आवेदन करने और योजना से जुड़ी जानकारी के लिए कृषि विभाग के आधिकारिक माध्यमों पर भरोसा करने की अपील की है।
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